‘No, No, No’: बांग्लादेशी हिंदुओं की हत्या पर सवाल पूछा तो प्रेस कॉन्फ्रेंस छोड़कर भागे जयराम रमेश और केसी वेणुगोपाल, BJP ने कहा- कॉन्ग्रेस हिंदू विरोधी है

बांग्लादेश में हिंदू इस्लामी कट्टरपंथियों के निशाने पर हैं। भीड़ द्वारा पीट-पीटकर मार डालने से लेकर गोलीबारी और आग लगाए जाने तक हिंदुओं को मिटाने की हर साजिश मोहम्मद युनूस के राज में कट्टरपंथी कर रहे हैं। गाजा-फिलिस्तीन से लेकर दुनियाभर के मुद्दे पर खुलकर संसद तक में बोलने वाली कॉन्ग्रेस से इस पर प्रेस कॉन्फ्रेंस में सवाल पूछा गया तो उसके नेता प्रेस कॉन्फ्रेंस छोड़कर ही भाग गए।

शनिवार (3 जनवरी 2025) को कॉन्ग्रेस नेता जयराम रमेश और केसी वेणुगोपाल VB-G RAM G बिल को लेकर प्रेस कॉन्फ्रेंस करने आए थे। इस प्रेस कॉन्फ्रेंस के आखिर में एक पत्रकार ने कॉन्ग्रेस नेताओं से बांग्लादेश में हिंदुओं की हत्याओं को लेकर प्रतिक्रिया जाननी चाही तो दोनों नेता बिना जवाब दिए उठकर चले गए। यहाँ तक की कॉन्ग्रेस ने अपने यूट्यूब चैनल से उस हिस्से को भी हटा दिया है जहाँ पर दोनों नेताओं से यह सवाल पूछा गया था। हालाँकि, पार्टी के X अकाउंट पर वीडियो के आखिरी 30 सेकेंड में यह हिस्सा अब भी मौजूद है।

इस पर बीजेपी ने कड़ा रुख अपनाया है और कॉन्ग्रेस पर तीखा हमला बोला है। बीजेपी के प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने X पर दोनों नेताओं के जाने का वीडियो शेयर करते हुए कहा, “वे गाजा के लिए रोते हैं लेकिन ढाका में हिंदुओं की हत्याओं को सही ठहराते हैं। जब जयराम रमेश और केसी वेणुगोपाल से इस्लामवादियों द्वारा बांग्लादेशी हिंदुओं पर की गई क्रूरता के बारे में पूछा गया, तो वे भाग गए।”

पूनावाला ने आगे कहा, “वे मुसलमानों, ईसाइयों और फिलिस्तीनियों के लिए लगातार रोते हैं लेकिन हिंदुओं के लिए नहीं! असल में दिग्विजय सिंह और अन्य लोगों ने हत्याओं को सही ठहराया। उन्होंने CAA का भी विरोध किया था! वे हिंदू विरोधी हैं।”

बीजेपी प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने भी इस पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने X पर अपने पोस्ट में लिखा, “जब बांग्लादेश में हिंदुओं की हालत पर सवाल पूछा गया, तो जयराम रमेश और केसी वेणुगोपाल जवाब देने के बजाय वहाँ से उठकर चले गए। सोचने वाली बात है कि अगर यही सवाल गाजा को लेकर होता, तो बड़ा हंगामा होता, लगातार प्रेस कॉन्फ्रेंस होतीं और बयानबाजी की बाढ़ आ जाती।” कॉन्ग्रेस की इस खामोशी को लेकर सोशल मीडिया पर ही जमकर पार्टी की आलोचना हो रही है।