‘विदेशी मेहमानों से नहीं मिलने दिया जाता’: पुतिन के दौरे से पहले राहुल गाँधी ने की झूठ फैलाने की कोशिश, तस्वीरों से कॉन्ग्रेस नेता की खुली पोल; BJP बोली- भारत को कोसते हैं

रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के भारत आने से ठीक पहले, कॉन्ग्रेस नेता राहुल गाँधी ने सरकार पर झूठा और बड़ा आरोप लगाया है। राहुल गाँधी ने दावा किया है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार विदेशी मेहमानों को विपक्षी नेताओं, खासकर नेता प्रतिपक्ष से मिलने नहीं देती है। राहुल गाँधी ने कहा कि ऐसा करना प्रधानमंत्री की ‘असुरक्षा की भावना’ को दिखाता है।

हालाँकि, जब इस आरोप की पड़ताल की गई, तो सामने आया कि राहुल गाँधी का दावा तथ्यों से बिल्कुल उलट है। बीते कुछ सालों में खुद राहुल गाँधी कई बड़े विदेशी नेताओं से मिल चुके हैं, जिसकी तस्वीरें और रिकॉर्ड मौजूद हैं। भाजपा ने इस पर पलटवार करते हुए राहुल पर देश को कोसने और राजनीति को लेकर सीरियस न होने का आरोप लगाया है।

राहुल गाँधी का ‘असुरक्षा’ वाला आरोप

राहुल गाँधी ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि पहले अटल बिहारी वाजपेयी और मनमोहन सिंह के समय यह परंपरा थी कि विदेशी मेहमान विपक्ष के नेताओं से मुलाकात करते थे, लेकिन मोदी सरकार इस परंपरा को तोड़ रही है।

राहुल गाँधी ने आरोप लगाया कि सरकार नहीं चाहती कि विपक्ष के लोग बाहर के लोगों से मिलें और यह हर बार होता है। उन्होंने जोर देकर कहा कि हिंदुस्तान का प्रतिनिधित्व सिर्फ सरकार नहीं, बल्कि विपक्ष भी करता है।

तस्वीरें करती हैं आरोपों का खंडन

राहुल गाँधी के इन दावों के विपरीत, हाल के कई उदाहरण बताते हैं कि विदेशी नेता विपक्ष से मिलते रहे हैं। खुद राहुल गाँधी ने हाल के वर्षों में कई अहम मुलाकातें की हैं, जो उनके आरोपों को झूठा साबित करती हैं। पहली तस्वीर हैं 2022 की, जिसमें राहुल गाँधी बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना से मुलाकात करते हुए दिख रहे हैं।

दूसरी तस्वीर है 2024 की, जिसमें राहुल गाँधी मलेशिया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम से मुलाकात कर रहे हैं। तीसरी तस्वीर है 2025 की, जिसमें राहुल गाँधी न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सन से मिले थे। चौथी तस्वीर है मार्च 2025 की, जिसमें राहुल गाँधी नॉर्वे के विदेश मंत्री एस्पेन बार्थ ईडे और राजदूत से मुलाकात की थी।

ये सभी उदाहरण साफ करते हैं कि विदेश से आने वाले नेताओं का विपक्ष से मिलना बंद नहीं हुआ है। सरकार से जुड़े सूत्रों ने भी कहा कि यह विदेशी मेहमान पर निर्भर करता है कि वह किससे मिलना चाहते हैं और किससे नहीं।

प्रियंका गाँधी का बचाव, बीजेपी का पलटवार

राहुल गाँधी के इस आरोप का समर्थन उनकी बहन और कॉन्ग्रेस महासचिव प्रियंका गाँधी वाड्रा ने किया। प्रियंका ने कहा कि प्रोटोकॉल को तोड़ा जा रहा है और यह सरकार की असुरक्षा का नतीजा है। उन्होंने कहा कि सरकार नहीं चाहती कि कोई दूसरी आवाज उठे।

वहीं, बीजेपी ने इस पर कड़ा पलटवार किया है। केंद्रीय मंत्री सतीश चंद्र दुबे ने राहुल गाँधी को गैर-जिम्मेदार बताया। उन्होंने कहा कि राहुल गाँधी राजनीति को लेकर गंभीर नहीं हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गाँधी विदेश जाकर भी हमेशा भारत के लोकतंत्र को कोसते रहते हैं, जो कि कोई जिम्मेदार व्यक्ति नहीं करता है। इस तरह, पुतिन के दौरे से पहले यह बयानबाजी एक बड़े राजनीतिक टकराव का रूप ले चुकी है।