कॉन्ग्रेस पार्टी ने आगामी राज्यसभा चुनाव के लिए सात उम्मीदवारों के नामों की घोषणा कर दी है। इस सूची के जारी होने के बाद सोशल मीडिया पर अलग-अलग प्रतिक्रियाएँ देखने को मिल रही हैं। कॉन्ग्रेस समर्थकों का एक वर्ग जहाँ उम्मीदवारों के चयन को लेकर नाराजगी जता रहा है, वहीं कई नेटीजन्स कॉन्ग्रेस की इस सूची को लेकर पार्टी पर तंज कस रहे हैं।
जारी सूची के अनुसार, कॉन्ग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे को कर्नाटक से राज्यसभा उम्मीदवार बनाया गया है। उनके अलावा पार्टी के राष्ट्रीय मीडिया एवं प्रचार विभाग के प्रमुख पवन खेड़ा और मंसूर अली खान को भी कर्नाटक से मैदान में उतारा गया है।
मध्य प्रदेश से राहुल गाँधी की करीबी मानी जाने वाली मीनाक्षी नटराजन को उम्मीदवार बनाया गया है। वहीं झारखंड से कॉन्ग्रेस अध्यक्ष के मीडिया सलाहकार प्रणव झा को टिकट मिला है। राजस्थान से नीरज डांगी को दोबारा राज्यसभा भेजने का फैसला किया गया है।
तमिलनाडु में राज्यसभा की एक सीट पर होने वाले उपचुनाव के लिए कॉन्ग्रेस ने प्रवीण चक्रवर्ती को उम्मीदवार बनाया है। प्रवीण को भी राहुल गाँधी का करीबी माना जाता है।
It is an honour to be nominated to the Rajya Sabha from the beautiful state of Karnataka.
— Pawan Khera 🇮🇳 (@Pawankhera) June 4, 2026
I am deeply grateful to Congress President Shri Mallikarjun @kharge, CPP Chairperson Smt. Sonia Gandhi, Leader of the Opposition Shri @RahulGandhi, General Secretary (Organisation)… pic.twitter.com/CloAfmVdJ4
उम्मीदवारों की सूची सामने आने के बाद सबसे ज्यादा चर्चा पवन खेड़ा के नाम को लेकर हो रही है। दरअसल, वर्ष 2022 में जब उन्हें राज्यसभा के लिए उम्मीदवार नहीं बनाया गया था, तब उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा था, “शायद हमारी ही तपस्या में कमी रह गई।” इस बार उम्मीदवार घोषित होने के बाद भी उन्होंने अपनी पोस्ट में लिखा कि उनकी तपस्या अभी पूरी नहीं हुई है और वह उस दिन पूरी होगी, जब राहुल गांधी प्रधानमंत्री बनेंगे।
उनकी इस टिप्पणी को लेकर नेटीजन्स उन्हें बधाई देने से ज्यादा चुटकी ले रहे हैं। कुछ लोग मजाकिया अंदाज में कह रहे हैं कि अगर उनकी तपस्या राहुल गाँधी के प्रधानमंत्री बनने पर ही पूरी होगी, तो यह तपस्या शायद कभी पूरी नहीं हो पाएगी।
Wah… Itna chaatne ka fayda ho gaya.
— Harry … (@HeckWeAre) June 5, 2026
But your tapasya will never be over.
उधर, कॉन्ग्रेस समर्थकों का एक वर्ग उम्मीदवारों के चयन को लेकर असंतोष भी जता रहा है। सोशल मीडिया पर कुछ लोगों का कहना है कि पार्टी अपनी राजनीति में दलित, पिछड़े और मुस्लिम समुदायों की बात करती है, लेकिन राज्यसभा उम्मीदवारों के चयन में इन वर्गों को पर्याप्त प्रतिनिधित्व नहीं दिया गया।
राहुल गाँधी खुद को दलित, पिछड़ों और आदिवासियों का सबसे बड़ा नेता बताते हैँ,
— ANIL (@AnilYadavmedia1) June 5, 2026
कहते हैँ कि
उन्हें प्रधानमंत्री बनवा दो, धरती पलट देंगे,
आरक्षण की सीमा सत्तर फीसदी के आसपास कर देंगे,
लेकिन जब राज्यसभा में लोगों को भेजने की बारी आई,
सात में से तीन पंडित राज्यसभा भेज रहे हैँ,
जिनकी… pic.twitter.com/4i24HFcXgC
गौरतलब है कि कर्नाटक समेत सात राज्यसभा सीटों के लिए चुनाव 18 जून को होने हैं। ऐसे में कॉन्ग्रेस द्वारा उम्मीदवारों की घोषणा के बाद बाकी नामों पर भी चर्चाएँ तेज हो गई हैं।

