भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) के महासचिव डी राजा ने नक्सलियों द्वारा दिए गए प्रस्ताव को स्वीकार करने की माँग की है। सोमवार (29 सितंबर 2025) को डी राजा ने कहा कि अगर भाजपा और RSS सत्ता में रहे, तो भारत का भविष्य साम्राज्यवादी होगा। राजा ने यह भी कहा कि देश को बचाने के लिए इन दलों को सत्ता से हटाना जरूरी है।
इसके विपरीत, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने नक्सलवाद के खिलाफ सरकार के सख्त रुख को दोहराया है। रविवार (28 सितंबर 2025) को अमित शाह ने कहा कि केवल सशस्त्र अभियानों से यह लड़ाई नहीं जीती जा सकती, बल्कि इसके पीछे की विचारधारा से निपटना होगा। शाह ने 31 मार्च 2026 तक नक्सल मुक्त भारत बनाने का लक्ष्य दोहराया। अमित शाह ने यह भी साफ किया कि हथियार उठाने वाले नक्सलियों के लिए सुरक्षा बलों के पास ‘गोलियों का जवाब गोलियों से’ देने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचता है।
नक्सलियों का प्रस्ताव स्वीकार करो- डी राजा
कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया (CPI) के महासचिव डी राजा ने सरकार से नक्सलियों द्वारा दिए गए प्रस्ताव को स्वीकार करने की माँग की। डी राजा ने सरकार के ‘नक्सल मुक्त भारत’ के नारे पर सवाल उठाते हुए कहा, “ये नक्सल मुक्त भारत क्या है? ये पहले ही कॉन्ग्रेस मुक्त भारत की बात कर चुके हैं। कॉन्ग्रेस मुक्त भारत का क्या हुआ?” डी राजा ने आशंका जताई कि कल ये लोग ‘कम्युनिस्ट मुक्त भारत’ की बात करेंगे।
#WATCH | Delhi: CPI General Secretary D Raja says, "I demand that the government accept the proposal made by the Naxals. What is this Naxal Mukt Bharat? Already, they spoke about the Congress Mukt Bharat. What happened to Congress Mukt Bharat? Tomorrow they will say Communist… pic.twitter.com/bEx8PpgcYr
— ANI (@ANI) September 29, 2025
भाजपा और RSS पर सीधा निशाना साधते हुए डी राजा ने कहा कि अगर ये दोनों मिलकर सत्ता में बने रहे, तो भारत का भविष्य साम्राज्यवादी हो जाएगा। राजा ने अपनी बात पर जोर देते हुए कहा, “अगर हमें भारत को बचाना है, संविधान को बचाना है, तो हमें भाजपा और RSS को सत्ता से हटाना होगा।”
गोलियों का जवाब गोलियों से- अमित शाह
अमित शाह ने कहा कि नक्सलवाद केवल हथियारों से नहीं मिटेगा, विचारधारा को भी चुनौती देनी होगी। अमित शाह ने आँकड़े पेश करते हुए बताया कि कई नक्सली मारे गए, कई गिरफ्तार हुए, कई ने आत्मसमर्पण किया। अमित शाह ने कहा कि सरकार आत्मसमर्पण नीति पर काम कर रही है। उन्होंने कहा कि जब निर्दोषों की हत्या होती है तो सुरक्षा बलों को दंडात्मक कदम उठाना पड़ता है। शाह ने कहा, “गोलियों का जवाब गोलियों से दिया जाना चाहिए।”
अमित शाह ने भारत मंथन 2025 में 31 मार्च 2026 तक नक्सलवाद समाप्त करने का लक्ष्य दोहराया। अमित शाह ने कहा कि सुरक्षा और वैचारिक दोनों मोर्चों पर काम जरूरी है। सरकार आत्मसमर्पण और कानूनी कार्रवाई दोनों कर रही है। उन्होंने कहा कि वैचारिक समर्थन देने वालों की पहचान भी जरूरी है। शाह ने स्पष्ट किया कि यह सरकार का निर्णायक रुख है।

