हिंदू त्योहारों पर कट्टरपंथियों की हिंसा आम हो गई है और अब एक बार फिर दुर्गा पूजा पर हमले की घटना सामने आई है। ओडिशा के कटक में शनिवार (4 अक्टूबर 2025) तड़के इस्लामी कट्टरपंथियों की भीड़ ने दो दुर्गा प्रतिमा विसर्जन जुलूसों पर पत्थरबाजी कर दी। ये घटनाएँ हाटीपोखरी और दरगाहबाजार इलाकों में हुईं हैं।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, दुर्गा पूजा का यह जुलूस देवीगड़ा जा रहा था, जहाँ काठजोरी नदी के किनारे प्रतिमाओं का विसर्जन किया जाना था। इस हमले में 6 पुलिसकर्मी घायल हो गए, जिनमें DCP ऋषिकेश खिलारी भी शामिल हैं।
पत्थरबाजी की घटना रात करीब 1:30 बजे हुई, जब झांझिरीमंगला पूजा कमेटी का जुलूस हाटीपोखरी इलाके से गुजर रहा था। जुलूस में डीजे और संगीत बज रहा था। तभी इलाके के कुछ मुस्लिम लोगों ने संगीत बजाने पर आपत्ति जताई और अचानक पत्थरबाजी शुरू कर दी। उन्होंने काँच की बोतलें भी फेंकीं। इस दौरान DCP की आँख में चोट लगी। आसपास की कई दुकानों और सड़क किनारे खड़ी गाड़ियों को भी नुकसान पहुँचा। हालात बेकाबू होने पर जुलूस को बीच रास्ते में ही रोकने को मजबूर होना पड़ा।
जुलूस में शामिल लोग इस पत्थरबाजी के खिलाफ सड़क पर ही धरने पर बैठ गए। इस वजह से लगभग 50 दुर्गा प्रतिमाओं वाले कई वाहनों को घंटों तक वहीं रुकना पड़ा। अंत में पुलिस को हालात काबू में करने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल बुलाना पड़ा।
खबरों के मुताबिक, इसी तरह का एक और हमला दरगाहबाज़ार थाना इलाके में दूसरे दुर्गा विसर्जन जुलूस पर भी हुआ। जब हाटीपोखरी वाला जुलूस रुका हुआ था, तब राऊसापटना दुर्गाकाली पूजा समिति का जुलूस आगे निकलकर दरगाहबाज़ार थाना के पास पहुँच गया और वहीं पर स्थानीय लोगों ने उस पर भी हमला कर दिया।
हर साल की तरह इस बार भी नवरात्रि के गरबा कार्यक्रमों और दुर्गा पूजा के जुलूसों को इस्लामी कट्टरपंथियों ने निशाना बनाया हैं। कई गरबा पंडालों में मुस्लिम युवकों को अपनी पहचान छिपाकर प्रवेश करते हुए पकड़ा गया है। मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र समेत कई राज्यों में दुर्गा जुलूसों और पंडालों पर पत्थरबाजी, तोड़फोड़ और मूर्तियों के अपमान जैसी घटनाएँ भी सामने आई हैं।

