उत्तर प्रदेश के अमरोहा जिले में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया। यहाँ एक निजी अस्पताल का संचालक और उसके साथियों पर दलित नर्स का जबरन धर्मांतरण कराने और उससे निकाह करने का आरोप लगा है। इस मामले में पुलिस ने अस्पताल संचालक अट्टन, शाहनवाज, नाजरीन और जुनैद समेत चार नामजद और 3 अज्ञात लोगों के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, पीड़ित परिवार जब बेटी की तलाश में अस्पताल पहुँचा, तो परिजनों को धमकी दी गई कि ‘चला जा नहीं तो तुझे भी यहीं कलमा पढ़ाकर मुस्लिम बना देंगे।’ परिजनों द्वारा अस्पताल के बाहर भारी हंगामे और धरने के बाद पुलिस तुरंत हरकत में आई।
अब पुलिस की टीमें गायब युवती और आरोपित संचालक की तलाश में लगातार दबिश दे रही हैं। पीड़ित पिता के अनुसार उनकी 24 साल की बेटी पहले ANM का कार्य कर चुकी है। वह सात जुलाई को घर से निकली थी और अचानक गायब हो गई।
परिजनों ने बताया कि युवती का विवाह तय हो गया था। जैसे ही विवाह की खबर अस्पताल संचालक को मिली, उसने पहले लड़के वालों को भड़काया। इसके बाद वह प्रलोभन देकर युवती को अपने साथ लेकर फरार हो गया।
हैरानी की बात यह है कि आरोपित संचालक ने अपनी असली पहचान छिपाकर ‘साईं जीवनदान’ नाम से अस्पताल खोल रखा था। परिजनों ने अस्पताल पर लव जाल और गौकशी का अड्डा चलाने का भी आरोप लगाया है। जब परिजन अपनी बेटी की जानकारी लेने पहुँचे तो स्टाफ ने गाली-गलौज करते हुए पिता को जातिसूचक शब्द कहे।
बजरंग दल का हंगामा
बेटी के अचानक गायब होने के बाद पीड़ित परिवार के साथ बजरंग दल के कार्यकर्ता भी हसनपुर में रहरा संभल बाईपास पर स्थित अस्पताल पहुँच गए। गुस्साए लोगों ने अस्पताल के बाहर धरना दिया और जमकर हंगामा किया। सूचना मिलते ही प्रभारी निरीक्षक पुलिस फोर्स के साथ मौके पर पहुँचे। उन्होंने लोगों को समझा-बुझाकर शांत कराया और निष्पक्ष जाँच का आश्वासन दिया।
इस पूरे प्रकरण ने अमरोहा में स्वास्थ्य विभाग की पोल खोलकर रख दी है। जिले में अधिकारियों की मिलीभगत से कई ऐसे अस्पताल और क्लीनिक चल रहे हैं। पुलिस ने पीड़ित पिता की तहरीर पर सीओ को शिकायत सौंपने के बाद अट्टन, शाहनवाज, नाजरीन, जुनैद और अज्ञात लोगों के खिलाफ SC/ST एक्ट, धर्मांतरण और गौकशी की धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की है।

