मध्य प्रदेश की दतिया विधानसभा सीट पर होने वाले उपचुनाव के लिए भारतीय जनता पार्टी द्वारा उम्मीदवार घोषित किए जाने के बाद बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। पूर्व गृह मंत्री डॉ नरोत्तम मिश्रा का टिकट काटकर आशुतोष तिवारी को उम्मीदवार बनाए जाने से नाराज समर्थक सड़कों पर उतर आए।
विरोध प्रदर्शन ने देखते ही देखते उग्र रूप ले लिया, जिसके चलते नेशनल हाईवे-44 पर लंबा जाम लग गया, पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प हुई, पथराव हुआ और कई पुलिसकर्मी घायल हो गए। हालात संभालने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल बुलाना पड़ा और कई जगह यातायात भी डायवर्ट किया गया।
#WATCH | Madhya Pradesh: Supporters of former State Home Minister Narottam Mishra pelted stones at Police in Datia as they protested after the BJP denied him a ticket for the upcoming assembly bypoll. Injuries reported.
— ANI MP/CG/Rajasthan (@ANI_MP_CG_RJ) July 11, 2026
Thousands of his followers blocked NH-44 last night,… pic.twitter.com/qI96QlEcpL
मामले में दतिया के SP मयूर खंडेलवाल ने कहा, “कल शाम से ही लगभग 3,000 लोगों ने दतिया जिले में शांति भंग करने और बाजार बंद कराने की कोशिश की। उन्होंने यहाँ करीब 10 घंटे तक सड़कें जाम रखीं। हम कल रात से ही उन्हें आचार संहिता का पालन करने और सड़क से जाम हटाने के लिए समझा रहे थे।”
उन्होंने कहा कि इस दौरान उन्होंने अचानक पत्थरबाजी शुरू कर दी, जिसके बाद पुलिस को आँसू गैस का इस्तेमाल करना पड़ा, लेकिन वे और उग्र प्रदर्शन करते हुए पथराव करते रहे।
VIDEO | Madhya Pradesh: Protest by the supporters of senior BJP leader Narottam Mishra, who was denied assembly bypoll ticket, turns violent in Datia. Heavy police deployment in the city.
— Press Trust of India (@PTI_News) July 11, 2026
Datia SP Mayur Khandelwal says, "Since yesterday evening, approximately 3,000 people tried… pic.twitter.com/Qs5GFlxEeU
टिकट बदलते ही फूटा समर्थकों का गुस्सा, हाईवे पर चक्का जाम
बीजेपी की ओर से आशुतोष तिवारी के नाम की घोषणा होते ही डॉ नरोत्तम मिश्रा के समर्थकों ने विरोध शुरू कर दिया। शुक्रवार (10 जुलाई 2026) की शाम से शुरू हुआ प्रदर्शन रातभर जारी रहा और हजारों कार्यकर्ता नेशनल हाईवे-44 पर उतर आए। डबरा के हरिपुर तिराहे सहित कई जगह चक्का जाम किया गया।
महिलाओं ने भी सड़क पर बैठकर और लेटकर विरोध दर्ज कराया। प्रदर्शन के कारण हाईवे पर करीब 8 से 15 किलोमीटर तक वाहनों की लंबी कतार लग गई। ट्रक, बसें और अन्य वाहन घंटों फँसे रहे तथा यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
पुलिस से भिड़े प्रदर्शनकारी, पथराव में SP समेत कई घायल
जिला प्रशासन और पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन बात नहीं बनी। शनिवार (11 जुलाई 2026) की सुबह करीब चार बजे हालात अचानक हिंसक हो गए। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर जमकर पथराव किया। इस दौरान दतिया के पुलिस अधीक्षक मयूर खंडेलवाल, एडिशनल SP और 6 से अधिक पुलिसकर्मी घायल हो गए।
कुछ पुलिस वाहनों को भी नुकसान पहुँचा। जवाब में पुलिस ने आँसू गैस के गोले छोड़े और हल्का बल प्रयोग कर भीड़ को तितर-बितर किया। बाद में कुछ लोगों को हिरासत में लिया गया और अन्य उपद्रवियों को सरेंडर करने की चेतावनी दी गई। पुलिस मुख्यालय से अतिरिक्त बल भी बुलाया गया ताकि स्थिति पर पूरी तरह नियंत्रण रखा जा सके।
इस्तीफों की झड़ी, भाजपा कार्यालय तक पहुँचा विरोध
नरोत्तम मिश्रा का टिकट कटने से पार्टी संगठन में भी नाराजगी खुलकर सामने आई। भाजपा जिलाध्यक्ष रघुवीर सरण समेत कई पदाधिकारियों ने अपने पदों से इस्तीफा दे दिया। नगर मंत्री और पार्टी के कोषाध्यक्ष ने भी पद छोड़ दिया। समर्थकों का दावा है कि कई भाजपा पार्षदों ने भी सामूहिक इस्तीफे सौंपे हैं।
प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में कार्यकर्ता भाजपा कार्यालय पहुँच गए, जहाँ जमकर नारेबाजी हुई। कुछ समर्थकों ने कार्यालय के भीतर खुद को बंद कर लिया था, जिन्हें बाद में समझाकर बाहर निकाला गया। पड़ोसी जिलों से भी नरोत्तम मिश्रा के समर्थक दतिया पहुँचे और विरोध में शामिल हुए।
आशुतोष बोले- वे हमारे अभिभावक हैं
टिकट मिलने के बाद आशुतोष तिवारी ने कहा कि पार्टी ने उन पर जो भरोसा जताया है, उसे वे पूरी निष्ठा से निभाएँगे। उन्होंने डॉ नरोत्तम मिश्रा को अपना अभिभावक बताते हुए कहा कि मिश्रा ने उन्हें फोन कर शुभकामनाएँ दी हैं और उनके लिए प्रचार करने की भी बात कही है।
दतिया विधानसभा सीट 2023 के चुनाव में कॉन्ग्रेस के राजेंद्र भारती के जीतने के बाद चर्चा में आई थी। वर्ष 2026 में दिल्ली की एक अदालत द्वारा धोखाधड़ी के मामले में तीन साल की सजा सुनाए जाने के बाद उनकी विधानसभा सदस्यता समाप्त हो गई, जिसके चलते यह सीट खाली हुई और यहाँ उपचुनाव कराया जा रहा है।
अब तक 13 उम्मीदवारों ने नामांकन पत्र खरीदे हैं, जिनमें चार नामांकन दाखिल कर चुके हैं। इस सीट पर 30 जुलाई को मतदान होगा, जबकि मतगणना 3 अगस्त को की जाएगी। वहीं फिलहाल प्रशासन का कहना है कि प्रदर्शनकारियों से लगातार बातचीत की जा रही है और जिले में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए अतिरिक्त सुरक्षा व्यवस्था लागू कर दी गई है।

