IB अधिकारी अंकित शर्मा हत्याकांड में ताहिर हुसैन और उसके साथियों को दी उम्रकैद की सजा, 2020 दिल्ली के हिंदू विरोधी दंगा केस में सुनाया फैसला: ₹5 लाख का जुर्माना भी लगाया

2020 के दिल्ली हिंदू-विरोधी दंगों के दौरान IB कर्मी अंकित शर्मा की हत्या के मामले में कड़कड़डूमा कोर्ट ने शुक्रवार (31 जुलाई 2026) को आम आदमी पार्टी के पूर्व पार्षद ताहिर हुसैन समेत सभी दोषी साथियों को उम्रकैद की सजा सुनाई है। कोर्ट ने ताहिर, नाजिम, कासिम, जावेद और अनस को हत्या, आपराधिक साजिश, दंगा भड़काने समेत विभिन्न गंभीर धाराओं में दोषी ठहराया था। कोर्ट ताहिर हुसैन पर अन्य आरोपों में भी सजा सुनाई है, साथ ही 5 लाख का जुर्माना भी ठोका है।

दिल्ली की कड़कड़डूमा कोर्ट ने इंटेलीजेंस ब्यूरो (IB) के युवा अधिकारी अंकित शर्मा की नृशंस हत्या के मामले में अपना अंतिम फैसला सुनाते हुए पूर्व आप पार्षद ताहिर हुसैन और उसके साथियों को उम्रकैद की सजा सुनाई है। कोर्ट ने मामले को बेहद गंभीर और क्रूर प्रकृति का मानते हुए दोषियों को किसी भी तरह की राहत देने से इनकार कर दिया।

फरवरी 2020: चांद बाग और खजूरी खास में फैला था खूनी तांडव

यह खौफनाक वारदात फरवरी 2020 में उत्तर-पूर्वी दिल्ली में हुए हिंदू-विरोधी दंगों के दौरान हुई थी। 25 फरवरी 2020 को उत्तर-पूर्वी दिल्ली के चांद बाग और खजूरी खास इलाके में भड़की हिंसा के बीच अंकित शर्मा माहौल शांत कराने और स्थिति का जायजा लेने के लिए अपने घर से बाहर निकले थे।

इसी दौरान उपद्रवियों की भीड़ ने उन्हें निशाना बना लिया और भीड़ खींचकर उन्हें ताहिर हुसैन की इमारत के पास ले गई। जाँच और चश्मदीदों के बयानों से यह साफ हुआ कि ताहिर हुसैन का बहुमंजिला मकान दंगाइयों के लिए एक ऑपरेशनल बेस बना हुआ था।

ताहिर हुसैन की इमारत की छत से बड़े पैमाने पर गुलेल, पेट्रोल बम, रसायन और पत्थरों का इस्तेमाल हिंदुओं और सुरक्षाबलों पर हमला करने के लिए किया जा रहा था। पूर्व आप पार्षद ने न केवल दंगाइयों को शरण और हथियार मुहैया कराए, बल्कि अंकित शर्मा को निशाना बनाने के लिए पूरी साजिश रची।

51 बार चाकू से गोदा, नाले में फेंका गया था शव

अंकित शर्मा की हत्या बेहद बर्बर और दरिंदगी भरे तरीके से की गई थी। ऑटोप्सी और फॉरेंसिक रिपोर्ट के अनुसार, उपद्रवियों ने अंकित शर्मा के शरीर पर 51 से अधिक बार चाकू और पैने हथियारों से वार किए थे। उनके शरीर के लगभग हर हिस्से पर गंभीर चोट पहुँचाने के बाद आरोपियों ने साक्ष्य मिटाने की नीयत से उनके शव को पास के नाले में फेंक दिया था।

अगले दिन यानी 26 फरवरी को नाले से अंकित शर्मा का क्षत-विक्षत शव बरामद हुआ था, जिसने पूरे देश को स्तब्ध कर दिया था। कड़कड़डूमा कोर्ट ने 13 जुलाई को ताहिर हुसैन, नाजिम, काशिम, अनस और जावेद को हत्या, अपहरण, दंगा और सांप्रदायिक वैमनस्य फैलाने का दोषी ठहराया था।

इस मामले में कुल 11 आरोपित थे, जिनमें से 6 को कोर्ट ने बरी कर दिया था। अभियोजन पक्ष ने कहा था कि इस तरह के बर्बर और अक्षम्य अपराध के लिए सभी दोषियों को केवल और केवल मृत्युदंड ही मिलना चाहिए और अंत में कोर्ट ने भी यही माना और उम्रकैद जैसी सजा सुनाई।