दिल्ली को मिली 300 नई इलेक्ट्रिक बसों की सौगात, 2027 तक 7000 ई-बसों का लक्ष्य: अमित शाह ने लॉन्च किया मिशन 70 लाख वृक्षारोपण अभियान

दिल्ली में मंगलवार (7 जुलाई 2026) को स्वच्छ परिवहन और हरित पर्यावरण की दिशा में एक और बड़ा कदम उठाया। शहर की सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था में 300 नई इलेक्ट्रिक बसें शामिल की गईं और महत्वाकांक्षी ‘मिशन 70 लाख वृक्षारोपण अभियान’ की शुरुआत की गई।

इन दोनों पहलों की शुरुआत केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की मौजूदगी में आरके पुरम के सेंट्रल पार्क में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान की।

इलेक्ट्रिक बसों का बेड़ा बढ़कर 4800 हुआ

नई 300 इलेक्ट्रिक बसों के शामिल होने के बाद दिल्ली का इलेक्ट्रिक बस बेड़ा बढ़कर 4800 हो गया है। इसके साथ ही दिल्ली देश का सबसे बड़ा इलेक्ट्रिक बस नेटवर्क वाला शहर बन गया है। यह कदम प्रदूषण के स्तर को कम करने और सार्वजनिक परिवहन को अधिक स्वच्छ एवं पर्यावरण के अनुकूल बनाने की सरकार की बड़ी योजना का हिस्सा है।

दिल्ली सरकार ने साल 2027 तक इलेक्ट्रिक बसों की संख्या बढ़ाकर 7000 करने का लक्ष्य रखा है। इसका उद्देश्य वाहनों से होने वाले उत्सर्जन को कम करना और राष्ट्रीय राजधानी की वायु गुणवत्ता में सुधार करना है।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए अमित शाह ने कहा कि नई बसें और बुनियादी ढाँचा परियोजनाएँ शहर में सार्वजनिक परिवहन को मजबूत करेंगी और स्वच्छ परिवहन को बढ़ावा देंगी।

उन्होंने कहा, “आज दिल्ली के परिवहन नेटवर्क में 300 इलेक्ट्रिक बसें जोड़ी गई हैं और एक नए मल्टी-लेवल बस डिपो की आधारशिला भी रखी गई है। ये कदम दिल्ली के लोगों के लिए सार्वजनिक परिवहन को अधिक मजबूत, स्वच्छ और बेहतर बनाने में मदद करेंगे।”

आरके पुरम में बनेगा नया बस डिपो

बसों को हरी झंडी दिखाने के साथ-साथ अमित शाह और रेखा गुप्ता ने दक्षिण दिल्ली के आरके पुरम में एक मल्टी-लेवल बस डिपो की आधारशिला भी रखी।

अधिकारियों ने बताया कि नया डिपो बढ़ते इलेक्ट्रिक बस बेड़े को सहयोग देगा और सार्वजनिक परिवहन सेवाओं के रखरखाव तथा संचालन की सुविधाओं को बेहतर बनाएगा। नई 300 बसों के शामिल होने से पहले दिल्ली के लगभग 7000 बसों के कुल बेड़े में करीब 4500 इलेक्ट्रिक बसें थीं।

दिल्ली की इलेक्ट्रिक वाहन नीति का हिस्सा

इलेक्ट्रिक बस नेटवर्क का विस्तार दिल्ली इलेक्ट्रिक व्हीकल पॉलिसी 2026 के अनुरूप किया जा रहा है। इस नीति का उद्देश्य इलेक्ट्रिक वाहनों के इस्तेमाल को बढ़ाना और उनके लिए आवश्यक बुनियादी ढाँचे का विकास करना है।

इस नीति के तहत दिल्ली परिवहन निगम और परिवहन विभाग की ओर से शुरू की जाने वाली सभी नई अंतरराज्यीय नहीं बल्कि राज्य के भीतर चलने वाली (इंट्रा-स्टेट) बसें इलेक्ट्रिक होंगी।

अधिकारियों ने बताया कि पिछले एक वर्ष के दौरान दिल्ली परिवहन निगम ने 9 मीटर लंबी छोटी बसों की संख्या भी बढ़ाई है, ताकि उन मार्गों पर बेहतर कनेक्टिविटी मिल सके, जहाँ बड़ी बसों का संचालन व्यावहारिक नहीं है।

इलेक्ट्रिक बसों की यह नई खेप केंद्र सरकार की पीएम ई-ड्राइव पहल के सहयोग से शामिल की जा रही है। इस पहल का उद्देश्य देशभर में इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को तेजी से अपनाने के लिए प्रोत्साहित करना है।