इस बीच दिल्ली पुलिस ने पहाड़गंज, दरियागंज और आसपास के इलाकों के होटलों में रात भर तलाशी ली। पुलिस टीम ने होटलों के रजिस्टरों की जाँच की। तलाशी के दौरान, चार संदिग्धों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया।
#WATCH | On Delhi blast case, DCP North Raja Banthia says, "As of now, the investigation is going on. We cannot comment on anything conclusively… FSL is lifting the traces of explosives…We are examining the scene of the crime." pic.twitter.com/Onr98F9a79
— ANI (@ANI) November 11, 2025
डीसीपी नॉर्थ राजा बंथिया के मुताबिक, “कोतवाली थाने में एफआईआर दर्ज कर ली गई है। यूएपीए, विस्फोटक अधिनियम और बीएनएस की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। एनएसजी, दिल्ली पुलिस और एफएसएल की टीमें मौके पर मौजूद हैं और पूरे क्राइम सीन की जाँच कर रही हैं। जाँच जारी है। जिस कार में धमाका हुआ था, उसमें कुछ बॉडी पार्ट्स हैं। एफएसएल टीम उन्हें इकट्ठा कर रही है, देखते हैं कि ये कैसे जुड़ते हैं।”
पुलिस जाँच जारी है। एफएसएल विस्फोटकों के निशान खोजे जा रहे हैं और क्राइम स्थल की जाँच जारी है।
लालकिला के पास हुए ब्लास्ट को देखते हुए लालकिला मेट्रो स्टेशन को सुरक्षा कारणों से बंद किया गया है। हालाँकि आसपास के दूसरे मेट्रो स्टेशन चालू रहेंगे।
दिल्ली के लाल किला मेट्रो स्टेशन के गेट नंबर 1 के पास सोमवार शाम एक हुंडई i20 कार में हुए विस्फोट में कम से कम आठ लोगों की मौत हो गई और कई अन्य घायल हो गए। शाम करीब 6:55 बजे हुए ये विस्फोट हुआ।
न्यूज 18 के मुताबिक, कश्मीर में दो लोगों को हिरासत में लिया गया है। पुलवामा के संबूरा निवासी तारिक अहमद डार और उमर उर्फ आमिर। तारिक ने दावा किया कि उसने कार आमिर को सौंप दी थी।
कार का पता पुलवामा से चला
जाँचकर्ताओं ने कार का पता जम्मू-कश्मीर के पुलवामा जिले के एक व्यक्ति से लगाया है, जिससे संभावित आतंकी संबंध का पता चला है। सीएनएन न्यूज़18 के सूत्रों के अनुसार, कार मूल रूप से गुरुग्राम में HR26 नंबर के तहत पंजीकृत थी और पहले मोहम्मद सलमान के पास थी। कथित तौर पर यह चार बार बदली गई। सलमान से देवेंद्र, देवेंद्र से सोनू और अंत में सोनू से पुलवामा के शंभूरा गाँव के तारिक के पास आई।
दिल्ली पुलिस ने तारिक और उसके साथियों के बारे में जानकारी की पुष्टि के लिए एक विशेष टीम श्रीनगर भेजी है। कार को कथित तौर पर फरीदाबाद के एक कार डीलर के माध्यम से अवैध रूप से खरीदा गया था ।
विस्फोट में आईईडी का इस्तेमाल
प्रारंभिक जाँच से पता चलता है कि विस्फोट में एक इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (आईईडी) का इस्तेमाल किया गया था।विस्फोट की वजह से कार के परखच्चे उड़ गए। कश्मीरी गेट, दरियागंज, सुनहरी मस्जिद और लाल किलाविस इलाकों से 50 से ज़्यादा सीसीटीवी फुटेज इकट्ठा किए गए हैं। इससे कार के बारे में पता चला कि दोपहर से ही उत्तरी दिल्ली में कार घूम रहा था। विस्फोट से पहले वह कई घंटों तक कार सुनहरी मस्जिद के पास खड़ी थी।

