दिल्ली ब्लास्ट के बाद UP ATS की बड़ी कार्रवाई: हनीट्रैप से आतंकी नेटवर्क को मदद करने वाले 5 डॉक्टर गिरफ्तार, AK-56 और AK-47 राइफलें बरामद

दिल्ली ब्लास्ट के बाद उत्तर प्रदेश की सुरक्षा एजेंसियाँ पूरी तरह से अलर्ट हो गई हैं। जम्मू-कश्मीर पुलिस, दिल्ली पुलिस और यूपी ATS की संयुक्त कार्रवाई में अब तक पाँच आतंकी डॉक्टरों को गिरफ्तार किया गया है। इन पर आतंकियों से जुड़े होने और हनीट्रैप नेटवर्क में मदद करने के गंभीर आरोप हैं।

संयुक्त छापेमारी में हुई गिरफ्तारियाँ

खुफिया जानकारी के आधार पर यूपी ATS, दिल्ली पुलिस और जम्मू-कश्मीर पुलिस ने लखनऊ, सहारनपुर, मुजफ्फरनगर, कानपुर और हापुड़ जैसे कई शहरों में एक साथ छापेमारी की। इस कार्रवाई में पाँच डॉक्टरों को गिरफ्तार किया गया है, जिन पर आतंकी गतिविधियों में मदद करने, विस्फोटक सामग्री की आपूर्ति करने और हनीट्रैप का हिस्सा होने के आरोप हैं।

सहारनपुर के डॉक्टर अदील का खुलासा

इस मामले में सबसे बड़ा खुलासा सहारनपुर के डॉक्टर अदील से हुआ। जाँच में पता चला कि वह कश्मीरी लड़कियों का इस्तेमाल कर यूपी के कई डॉक्टरों को हनीट्रैप में फँसाता था। ATS ने अदील के 14 मोबाइल फोन से संदिग्ध नंबर, चैट और आपत्तिजनक तस्वीरें बरामद की हैं।

चौंकाने वाली बात यह है कि अदील 2023 से लेकर नवंबर 2024 तक लगभग एक साल के लिए गायब था। इस दौरान न तो उसके परिवार को और न ही अस्पताल को उसकी कोई खबर थी। एजेंसियों के लिए यह एक बड़ा सवाल बन गया है कि वह एक साल तक कहाँ था और इस दौरान उसने किससे संपर्क किया।

जैश-ए-मोहम्मद के पोस्टर से हुआ पर्दाफाश

इस पूरे आतंकवादी नेटवर्क का पर्दाफाश 17 अक्टूबर 2025 को हुआ, जब श्रीनगर के नौगाम इलाके में जैश-ए-मोहम्मद के पोस्टर लगे मिले। CCTV फुटेज के आधार पर पुलिस ने दो लोगों को गिरफ्तार किया। उनकी पूछताछ से मौलवी इरफान और डॉ अदील के नाम सामने आए।

मौलवी इरफान की गिरफ्तारी के बाद पुलिस सीधे अदील तक पहुंची और उसे 1 नवंबर 2025 को सहारनपुर के एक निजी अस्पताल से गिरफ्तार कर लिया। इसके बाद 6 नवंबर 2025 को यूपी ATS ने औपचारिक रूप से उसे गिरफ्तार किया।

मुलायम सहयोगी और आतंकवादी सामग्री की बरामदगी

अदील ने पूछताछ में बताया कि उसके साथ डॉ मुजम्मिल, डॉ शाहीन और डॉ उमर भी इस नेटवर्क का हिस्सा थे। अदील ने यह भी खुलासा किया कि उसके पास AK-56 राइफल थी, जिसे उसने अनंतनाग मेडिकल कॉलेज के लॉकर में छिपा रखा था। पुलिस ने वहाँ से राइफल बरामद की, और शाहीना के पास से AK-47 भी बरामद हुई। इसके बाद फरीदाबाद से डॉ मुजम्मिल और डॉ शाहीन को गिरफ्तार किया गया।

लखनऊ से डॉक्टर परवेज की गिरफ्तारी

अदील की गिरफ्तारी की खबर मिलने के बाद लखनऊ के डॉक्टर परवेज संदिग्ध तरीके से गायब हो गया। उसने इंटीग्रल यूनिवर्सिटी से ईमेल के जरिए इस्तीफा देकर खुद को दूसरी नौकरी मिलने का दावा किया, लेकिन वह कहीं काम पर नहीं गया। दिल्ली ब्लास्ट के अगले दिन ATS ने उसके घर पर छापा मारा और उन्हें गिरफ्तार कर लिया।

इसी मामले में कानपुर के कार्डियोलॉजिस्ट डॉ मोहम्मद आरिफ और हापुड़ के गायनेकोलॉजिस्ट डॉ फारूख को भी गिरफ्तार किया गया। दोनों का संबंध भी इसी आतंकवादी नेटवर्क से था। ATS अब इन गिरफ्तार आरोपितों के डिजिटल साक्ष्यों, कॉल डिटेल्स और पिछले एक साल की गतिविधियों की गहन जाँच कर रही है। इस पूरे नेटवर्क के तार को पूरी तरह से उजागर करने के लिए उनकी जाँच जारी है।