राम मंदिर और संसद पर हमले की साजिश नाकाम, दिल्ली पुलिस ने 3 राज्यों से दबोचे 4 खतरनाक आतंकी: ‘खिलाफत’ की विचारधारा से थे प्रभावित, IED बनाने की सामग्री बरामद

दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने एक बहुत बड़े आतंकी खतरे को टालते हुए देश के तीन अलग-अलग राज्यों से चार कट्टरपंथी युवकों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आतंकियों के नाम मोहम्मद हम्माद, शेख इमरान, एमडी सोहेल, मोसैब अहमद है। इनके निशाने पर राम मंदिर, संसद भवन और सैन्य ठिकाने थे।

दिल्ली पुलिस की जाँच में खुलासा हुआ है कि महाराष्ट्र, ओडिशा और बिहार से पकड़े गए ये आरोपित ‘खिलाफत’ की विचारधारा से बुरी तरह प्रभावित थे और ‘गजवा-ए-हिंद’ (भारत के खिलाफ जंग) जैसे खतरनाक एजेंडे को अंजाम देने की तैयारी कर रहे थे।

IED बम बनाने की चल रही थी तैयारी

पुलिस की कार्रवाई में यह चौंकाने वाली जानकारी सामने आई है कि पकड़े गए आतंकियों में से दो सदस्य रिमोट-कंट्रोल वाले बम (IED) बनाने के लिए स्थानीय बाजारों से सामान जुटा रहे थे। इनके पास से बॉल बेयरिंग, कीलें, लोहे के डिब्बे और रिमोट कंट्रोल वाली खिलौना कारें बरामद हुई हैं।

इस खिलौना कार का इस्तेमाल बम को रिमोट से उड़ाने के लिए किया जाना था। इनमें से एक आरोपित मैकेनिक है, जिसे बम असेंबल करने की जिम्मेदारी दी गई थी।

लाल किला और इंडिया गेट की कर चुके थे रेकी

जाँच में यह भी पता चला है कि इस मॉड्यूल के एक सदस्य ने दिसंबर 2025 में दिल्ली आकर लाल किला और इंडिया गेट जैसी बेहद संवेदनशील जगहों की रेकी की थी। आरोपित ने लाल किले की एक एडिट की हुई फोटो सोशल मीडिया पर पोस्ट की थी, जिसमें किले के ऊपर भारत के तिरंगे की जगह काला झंडा लगा दिखाया गया था। इसके जरिए वह दूसरे युवाओं को भड़काने और कट्टरपंथी बनाने की कोशिश कर रहा था।

सोशल मीडिया और QR कोड से जुटा रहे थे फंडिंग

ये आरोपित ‘एन्क्रिप्टेड’ सोशल मीडिया ग्रुप्स (ऐसे ग्रुप्स जिनकी चैटिंग कोई और न देख सके) के जरिए आपस में जुड़े हुए थे। नेटवर्क चलाने के लिए ये लोग QR कोड और बैंक डिटेल्स साझा कर जिहाद के नाम पर पैसा इकट्ठा कर रहे थे।

एक आरोपित ने तो बाकी सदस्यों को ट्रेनिंग और हथियार दिलाने का वादा तक किया था। पुलिस ने इनके पास से कई मोबाइल फोन और डिजिटल सबूत जब्त किए हैं, जिससे आने वाले समय में और भी कई बड़े खुलासे होने की उम्मीद है। फिलहाल स्पेशल सेल की