दिल्ली लाल किला ब्लास्ट की घटना के बाद दिल्ली के उपराज्यपाल (LG) ने शहर की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर कई बड़े और नए कदम उठाने का आदेश दिया है। अब अमोनियम नाइट्रेट (जिसका उपयोग विस्फोटक बनाने में होता है) की खरीद-बिक्री और सोशल मीडिया पर डाली जाने वाली ‘कट्टरपंथी’ पोस्ट पर कड़ी नजर रखी जाएगी।
ऐसा इसलिए किया जा रहा है ताकि आतंकी किसी भी तरह विस्फोटक सामग्री आसानी से हासिल न कर सकें। यह फैसला दिल्ली को भविष्य में होने वाले आतंकी खतरों से सुरक्षित रखने के लिए लिया गया है।
सुरक्षा के मोर्चे पर एक और बड़ा बदलाव किया गया है। अब पुलिस और सुरक्षा एजेंसियाँ उन सोशल मीडिया पोस्ट पर नजर रखेंगी जो लोगों को कट्टरपंथी बनाने या उन्हें आतंकवादी गतिविधियों के लिए उकसाने का काम करती हैं।
किसी भी व्यक्ति के व्यवहार में अचानक आए बदलाव या कट्टरपंथी सोच को बढ़ावा देने वाली ऑनलाइन गतिविधियों की जाँच की जाएगी। इस कदम का उद्देश्य लोगों के बीच आतंकी विचारधारा को फैलने से रोकना है।
सुरक्षा एजेंसियों के बीच तालमेल बढ़ाने का आदेश
उपराज्यपाल ने सभी सुरक्षा एजेंसियों को आपस में बेहतर तालमेल बिठाने का निर्देश भी दिया है। इसमें दिल्ली पुलिस, इंटेलिजेंस एजेंसियाँ और अन्य सुरक्षा बल शामिल हैं। यह सुनिश्चित किया जाएगा कि सभी एजेंसियाँ एक-दूसरे के साथ जानकारी तुरंत साझा करें और किसी भी खतरे से निपटने के लिए एक साथ मिलकर काम करें। इन नए सुरक्षा उपायों को लागू करने का मकसद दिल्ली को एक सुरक्षित शहर बनाए रखना है।

