अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर यह दावा किया है कि भारत और पाकिस्तान के बीच बड़े सैन्य तनाव को उन्होंने ही टालने में मदद की थी। ट्रंप ने कहा कि उनकी हस्तक्षेप की वजह से दोनों देश संभावित परमाणु युद्ध के कगार से पीछे हट गए। ट्रंप ने यह दावा यूएस-सऊदी इन्वेस्टमेंट फोरम में किया।
ट्रंप ने बताया कि जब भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव चरम पर था और दोनों देश परमाणु हथियारों के इस्तेमाल तक पहुँच सकते थे, तब उन्हें भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने खुद फोन किया था।
ट्रंप के मुताबिक, उन्होंने दोनों देशों को 350 प्रतिशत टैरिफ (टैक्स) लगाने की चेतावनी दी थी। उन्होंने कहा कि युद्ध से न केवल यह क्षेत्र, बल्कि अमेरिका भी प्रभावित होगा, इसलिए उन्होंने व्यापारिक दबाव का इस्तेमाल किया। ट्रंप का दावा है कि इस हस्तक्षेप के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने उन्हें फोन पर कहा, “हमारा काम हो गया, हम युद्ध नहीं करेंगे।”
हालाँकि, भारत सरकार ने पहले भी ट्रंप के इन दावों को साफ तौर पर खारिज किया है। विदेश सचिव विक्रम मिसी ने जून 2025 में स्पष्ट किया था कि यह पूरा मामला भारत और पाकिस्तान के बीच की द्विपक्षीय प्रक्रिया थी। उन्होंने साफ किया था कि प्रधानमंत्री मोदी ने ट्रंप को बता दिया था कि भारत किसी भी विदेशी मध्यस्थता को स्वीकार नहीं करता है।

