अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक दावा करते हुए कहा है कि ईरान के साथ जारी युद्ध अब समाप्त हो चुका है और अमेरिका ने इसमें ‘जीत’ हासिल कर ली है। दूसरी ओर, ईरान ने इन दावों को खारिज करते हुए इसे ‘फेक न्यूज’ बताया है।
ट्रंप का दावा: ‘तेहरान के आसमान पर हमारा कब्जा’
युद्ध की स्थिति पर अपडेट देते हुए राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा, “मैं आपको बता सकता हूँ कि यह जंग जीती जा चुकी है। ईरान की नौसेना, वायुसेना और संचार व्यवस्था पूरी तरह खत्म हो गई है। हमारे लड़ाकू विमान अब तेहरान के ऊपर बेखौफ घूम रहे हैं।”
BREAKING: President Trump gives an update on negotiations and war with Iran:
— Fox News (@FoxNews) March 24, 2026
"I can tell you they'd like to make a deal."
"Their Navy's gone, their Air Force is gone, their communications are gone… We are roaming free over Tehran." pic.twitter.com/TmwHzFdOyy
ट्रंप का मानना है कि ईरान अब सैन्य रूप से पूरी तरह पराजित हो चुका है और वहाँ ‘सत्ता परिवर्तन’ (Regime Change) का लक्ष्य हासिल कर लिया गया है। उन्होंने साफ कहा कि अब केवल ‘फेक न्यूज’ मीडिया ही इस लड़ाई को जिंदा दिखाना चाहता है, जबकि हकीकत में ईरान अब डील करने के लिए बेताब है।
ईरान का पलटवार: ‘ये केवल मनोवैज्ञानिक युद्ध है’
ट्रंप के इन तीखे बयानों पर ईरान ने कड़ा रुख अपनाया है। तेहरान की ओर से जारी प्रतिक्रिया में ट्रंप के दावों को सिरे से नकारते हुए इसे प्रोपेगेंडा और ‘फेक न्यूज’ करार दिया गया है। ईरान का कहना है कि अमेरिका अपनी नाकामियों को छिपाने और वैश्विक स्तर पर अपनी साख बचाने के लिए ऐसे झूठे दावे कर रहा है।
ईरान के मुताबिक, उनकी सेना अभी भी मुकाबला कर रही है और वे किसी भी अमेरिकी दबाव के आगे झुकने वाले नहीं हैं। उनके लिए ट्रंप का यह बयान केवल एक डराने वाली रणनीति मात्र है।
सुलह की 15 शर्तें: परमाणु प्रोग्राम खत्म करने पर अड़ा अमेरिका
भले ही बयानों की जंग जारी हो, लेकिन अंदरखाने 15 शर्तों वाला एक शांति प्रस्ताव तैयार है। अमेरिका की मुख्य माँग है कि ईरान अपने नतांज और फोर्डो जैसे बड़े परमाणु प्लांट पूरी तरह बंद करे और यूरेनियम बनाना छोड़ दे। इसके बदले में दुनिया भर से उस पर लगी पाबंदियाँ हटा ली जाएँगी।
प्रस्ताव में यह भी है कि ईरान अपनी मिसाइलें बनाना बंद करे और समुद्री रास्तों (होर्मुज जलडमरूमध्य) को व्यापार के लिए खोल दे। ट्रंप का दावा है कि ईरान परमाणु हथियार न बनाने पर राजी हो गया है और अगले 48 घंटों में होने वाली एक गुप्त मीटिंग में इस पर अंतिम मुहर लग सकती है। इस हलचल से इंटरनेशनल मार्केट में कच्चे तेल की कीमतें गिरकर $96 तक आ गई हैं।

