चुनाव आयोग (ECI) ने गुरुवार (19 फरवरी 2026) को 22 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य निर्वाचन अधिकारियों (CEOs) को निर्देश दिया कि वे विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के तहत मतदाता सूचियों को अपडेट करने की तैयारी जल्द से जल्द शुरू करें। इन राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में पंजाब, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश और चंडीगढ़ समेत कई अन्य शामिल हैं।
निर्वाचन आयोग ने बताया कि बिहार में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) का काम पूरा हो चुका है। वहीं, नौ अन्य राज्यों और तीन केंद्र शासित प्रदेशों में यह प्रक्रिया अंतिम चरण में है। अब शेष 17 राज्यों और 5 केंद्र शासित प्रदेशों में यह कार्य शुरू किया जाएगा। आयोग ने अपने पत्र में संबंधित CEOs को साफ निर्देश दिया है कि वे इस पुनरीक्षण से जुड़ी सभी तैयारियाँ जल्द से जल्द पूरी करें।
The Election Commission has initiated preparatory activities for the Special Intensive Revision (SIR) of electoral rolls in 12 States and Union Territories, scheduled to commence in April 2026. Following Order No. 23/ERS/2025 dated 24.06.2025 and subsequent directives, Chief… pic.twitter.com/ayMbyNJB70
— Press Trust of India (@PTI_News) February 19, 2026
आगामी SIR प्रक्रिया 2027 की जनगणना के पहले चरण के साथ-साथ चलेगी। इस चरण के दौरान अप्रैल से सितंबर के बीच घर-घर जाकर हाउस-लिस्टिंग का काम किया जाएगा। आयोग मतदाता सूची के पुनरीक्षण को जनगणना के साथ समन्वय में करने की योजना बना रहा है ताकि पूरी प्रक्रिया व्यवस्थित तरीके से पूरी हो सके।
STORY | Delhi gears up for SIR expected in April, political parties say their preparations complete
— Press Trust of India (@PTI_News) February 19, 2026
The training of polling officials has already been completed for a special intensive revision (SIR) of electoral rolls in Delhi that is likely to begin from April, officials said… pic.twitter.com/MzuggdaTKq
आयोग ने आंध्र प्रदेश, अरुणाचल प्रदेश, हरियाणा, जम्मू-कश्मीर, महाराष्ट्र, दिल्ली, पंजाब, तेलंगाना और उत्तराखंड समेत कई राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को भेजे गए पत्र में याद दिलाया कि पिछले वर्ष जून में देशभर में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) का आदेश दिया गया था। आयोग ने बिहार को छोड़कर, जहाँ यह प्रक्रिया जून 2025 में ही शुरू हो गई थी, बाकी सभी राज्यों के CEO को पूर्व-पुनरीक्षण गतिविधियाँ शुरू करने के निर्देश दिए थे।
बिहार में प्रक्रिया पूरी होने के बाद आयोग ने देशव्यापी पुनरीक्षण अभियान के तहत 12 और राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों में SIR की घोषणा की। इनमें केरल, तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल, उत्तर प्रदेश और राजस्थान सहित अन्य राज्य शामिल हैं।

