फर्जी CLU, मनी लॉन्ड्रिंग और राजनीतिक संरक्षण के आरोपों में घिरी AAP: ED की जाँच में पंजाब पार्टी अध्यक्ष अमन अरोड़ा समेत सामने आए कई नाम

पंजाब में आम आदमी पार्टी सरकार और उसके नेताओं पर घोटालों के आरोप लगातार गहराते जा रहे हैं। शराब नीति से लेकर जमीन और बिल्डर लॉबी तक, एक के बाद एक मामलों में AAP नेताओं के करीबी लोगों के नाम सामने आ रहे हैं। अब प्रवर्तन निदेशालय (ED) की ताजा कार्रवाई में पंजाब AAP अध्यक्ष अमन अरोड़ा का नाम भी सामने आया है।

ED ने अपनी प्रेस रिलीज में दावा किया है कि अमन अरोड़ा के करीबी सहयोगी गौरव धीर से जुड़े प्रोजेक्ट्स में करोड़ों रुपए की अंडरवैल्यूएशन, फर्जी CLU मंजूरी और मनी लॉन्ड्रिंग के गंभीर आरोप मिले हैं। एजेंसी ने यह भी कहा है कि पूरे मामले में राजनीतिक संरक्षण दिए जाने के सबूत भी हाथ लगे हैं।

फर्जी CLU से खड़ा हुआ करोड़ों का रियल एस्टेट साम्राज्य

ED के मुताबिक मोहाली में सनटेक सिटी प्रोजेक्ट के लिए 30.5 एकड़ जमीन पर फर्जी सहमति पत्र तैयार किए गए। आरोप है कि इंडियन कोऑपरेटिव हाउसिंग बिल्डिंग सोसाइटी से जुड़े सुरेश कुमार बजाज और अजय सहगल ने जमीन मालिकों के फर्जी हस्ताक्षर और अंगूठे लगाकर चेंज ऑफ लैंड यूज (CLU) हासिल किया। इसी आधार पर सनटेक सिटी जैसा बड़ा रियल एस्टेट प्रोजेक्ट खड़ा किया गया।

एजेंसी का दावा है कि बाद में बिना सेल डीड के लोगों को सोसाइटी का सदस्य बनाकर 150 करोड़ रुपए से ज्यादा की रकम जुटाई गई। इस मामले में पंजाब पुलिस ने पहले ही FIR दर्ज कर रखी है। ED ने यह भी बताया कि अजय सहगल ने ला कैनेला और District 7 जैसे प्रोजेक्ट भी इसी फर्जीवाड़े के आधार पर विकसित किए।

AAP अध्यक्ष अमन अरोड़ा के करीबी पर 170 करोड़ की हेराफेरी का आरोप

ED की प्रेस रिलीज में सबसे बड़ा खुलासा गौरव धीर को लेकर हुआ है। एजेंसी ने कहा कि गौरव धीर, जो AAP के पंजाब अध्यक्ष अमन अरोड़ा का करीबी सहयोगी है, उसने ऑल्टस स्पेस बिल्डर्स से जुड़े प्रोजेक्ट को बेहद कम कीमत पर खरीदा।

ED के अनुसार, लगभग 300 करोड़ रुपए कीमत वाले प्रोजेक्ट को सिर्फ 130 करोड़ रुपए में दिखाया गया, जिससे 170 करोड़ रुपए से ज्यादा की अंडरवैल्यूएशन हुई। एजेंसी इसे मनी लॉन्ड्रिंग और सरकारी राजस्व को भारी नुकसान पहुँचाने वाला मामला मान रही है।

ED ने प्रेस रिलीज में साफ लिखा है कि गौरव धीर की कंपनियों के जरिए इस पूरी डील को अंजाम दिया गया। यही नहीं,  जाँच एजेंसी ने दावा किया कि कई ऐसे दस्तावेज मिले हैं जो पंजाब सरकार के कामकाज में निजी लोगों के हस्तक्षेप और राजनीतिक संरक्षण की ओर इशारा करते हैं।

नितिन गोहल और प्रीतपाल सिंह पर भी शिकंजा

ED ने अपनी कार्रवाई में नितिन गोहल और प्रीतपाल सिंह धिंडसा का भी नाम लिया है। एजेंसी का आरोप है कि दोनों ने इस पूरे नेटवर्क को राजनीतिक संरक्षण और सुरक्षा उपलब्ध कराने में मदद की। ये वही नाम हैं जिन्हें पहले मीडिया रिपोर्ट्स में पंजाब के मुख्यमंत्री कार्यालय से जुड़े प्रभावशाली लोगों के करीबी के तौर पर बताया गया था।

अब ED की प्रेस रिलीज में नाम आने के बाद विपक्ष ने AAP सरकार पर सीधे भ्रष्टाचार को संरक्षण देने का आरोप लगाया है। जाँच एजेंसी फिलहाल पूरे नेटवर्क की वित्तीय लेनदेन, सरकारी मंजूरियों और राजनीतिक कनेक्शन की गहराई से जाँच कर रही है।

रेड के दौरान बालकनी से फेंके गए थे 21 लाख रुपए

ED की छापेमारी के दौरान सबसे चौंकाने वाली तस्वीर तब सामने आई थी जब 21 लाख रुपये नकद बालकनी से नीचे फेंक दिए गए। यह मामला तब सामने आया, जब पंजाब में ED ने हवाला मनी और वित्तीय अनियमितताओं से जुड़े मामले में आम आदमी पार्टी (AAP) से जुड़े लोगों के ठिकानों पर छापेमारी की।

ED की टीम ने आईटी प्रोफेशनल नितिन बजाज के घर पर भी रेड डाली। इस दौरान बिल्डिंग से नकदी से भरा बैग फेंका गया था, जिसमें 21 करोड़ रुपए थे। एजेंसी ने यह भी बताया कि अलग-अलग ठिकानों से करीब 1 करोड़ रुपए नकद जब्त किए गए हैं। इसके अलावा कई अहम दस्तावेज, डिजिटल रिकॉर्ड और वित्तीय लेनदेन से जुड़े सबूत भी कब्जे में लिए गए हैं।