केंद्र सरकार ने कहा है कि रेल मंत्रालय और उर्वरक विभाग के मिलकर काम करने से खरीफ और रबी की फसलों के लिए उर्वरक की आपूर्ति काफी बढ़ गई है। इससे किसानों को फसल उगाने के दौरान उर्वरक की कोई कमी नहीं हुई।
केंद्रीय रसायन और उर्वरक मंत्रालय ने जानकारी दी कि बेहतर और तेज रेक मूवमेंट के कारण राज्यों तक उर्वरक समय पर पहुँच सके। मंत्रालय ने बताया कि जुलाई 2025 में औसत रेक लोडिंग 72 रेक प्रतिदिन थी, जो अगस्त 2025 में बढ़कर 78 रेक और सितंबर 2025 में 80 रेक प्रतिदिन हो गई।
To ensure food security and support our farmers, the Department of Fertilizers and @RailMinIndia have achieved unprecedented coordination in FY 2025-26. A "Whole-of-Government" approach is ensuring no shortages during critical Kharif and Rabi seasons.#BalancedUseOfFertilizers pic.twitter.com/Ps9wCYUUOy
— Department of Fertilizers (@fertmin_india) January 30, 2026
मंत्रालय ने कहा कि अप्रैल से दिसंबर 2025 के दौरान उर्वरक की आपूर्ति अब तक के उच्चतम स्तर पर पहुँच गई। इस दौरान कुल आपूर्ति 530.16 लाख मीट्रिक टन से अधिक रही, जो पहली बार 500 लाख मीट्रिक टन के आंकड़े को पार कर गई। यह 2024-25 की समान अवधि की तुलना में 12.2% की वृद्धि दर्शाता है।

विशेष रूप से, यूरिया की रेक मूवमेंट दस हजार से अधिक रेक तक पहुँची, जिसमें पिछले वर्ष की तुलना में 8% की वृद्धि हुई। वहीं, पी और के उर्वरकों की आपूर्ति भी बढ़कर 8806 रेक तक पहुँची, जो 18% की बढ़ोतरी है।
मंत्रालय ने बताया कि बेहतर योजना और तेज रेल परिवहन की वजह से किसानों को समय पर उर्वरक मिल गया। इससे खेती के जरूरी काम में कोई रुकावट नहीं आई और अनाज का उत्पादन भी लगातार बना रहा।

