वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने लोकसभा में पेश किया बजट, कहा- गरीबी कम करने और रोजगार बढ़ाने पर फोकस

आज 01 फरवरी 2026 को देश के खर्च का हिसाब रखने वाला बजट पेश हुआ। लगातार 9वीं बार वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने संसद मे बजट 2026 को पेश किया। इस बजट से मध्यम वर्गीय से लेकर किसानों को उम्मीदें हैं। देश की अर्थव्यवस्था भी इसी बजट से तय होगी।

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 2026-27 का केंद्रीय बजट पेश करते हुए कहा, “12 साल पहले सत्ता संभालने के बाद से देश की आर्थिक प्रगति स्थिरता, राजकोषीय अनुशासन, निरंतर विकास और मध्यम मुद्रास्फीति से चिह्नित रही है। यह अनिश्चितता और व्यवधानों के दौर में भी हमारे द्वारा लिए गए सचेत निर्णयों का परिणाम है।”

उन्होंने आगे कहा, “हमने दूरगामी संरचनात्मक सुधारों को आगे बढ़ाया है। राजकोषीय विवेक और मौद्रिक स्थिरता बनाए रखते हुए, हमने सार्वजनिक निवेश पर मजबूत जोर दिया है और आत्मनिर्भरता को एक स्तंभ के रूप में रखा है। हमने घरेलू विनिर्माण क्षमता, ऊर्जा सुरक्षा का निर्माण किया है और महत्वपूर्ण आयात निर्भरता को कम किया है।”

वित्त मंत्री ने कहा, “आत्मनिर्भरता को अपना मार्गदर्शक लक्ष्य बनाकर, हमने देश में उत्पादन की क्षमता को मजबूत किया है, ऊर्जा सुरक्षा बढ़ाई है और ज़रूरी चीज़ों के आयात पर निर्भरता कम की है। इसके साथ-साथ सरकार ने यह भी सुनिश्चित किया है कि उसके हर फैसले का सीधा फायदा आम लोगों तक पहुँचे।”

उन्होंने आगे कहा, “इसके लिए रोजगार बढ़ाने, खेती की उत्पादकता सुधारने, परिवारों की खरीदने की क्षमता बढ़ाने और सभी को बुनियादी सुविधाएँ देने के लिए कई सुधार किए गए हैं। इन कदमों के कारण देश की आर्थिक वृद्धि दर लगभग 7 प्रतिशत रही है और गरीबी कम करने के साथ-साथ लोगों के जीवन स्तर में भी साफ सुधार हुआ है।”

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, बजट पेश करने से पहले निर्मला सीतारमण ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात की। उन्होंने राष्ट्रपति को बजट की प्रति सौंपी। इसके बाद तमिलनाडु की कांजीवरम साड़ी पहनकर हाथ में डिजिटल टैबलेट लिए निर्मला सीतारमण संसद पहुँची, जहाँ उनका साथ वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी और वित्त मंत्रालय के अन्य अधिकारियों ने दिया।