पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना जिले के बारुईपुर में फुटबॉल मैच को लेकर हुए विवाद में 17 साल के छात्र और फुटबॉलर प्रोसेनजीत बिस्वास की चाकू मारकर हत्या कर दी गई। पुलिस ने इस मामले में कक्षा 9 के पाँच नाबालिगों को हिरासत में लिया है।
सभी को जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड के सामने पेश किया गया है, जहाँ आगे की कानूनी प्रक्रिया पर फैसला लिया जाएगा। शुरुआती जाँच में सामने आया है कि कुछ दिन पहले फुटबॉल मैच में प्रोसेनजीत की टीम की जीत के बाद दोनों पक्षों के बीच विवाद हुआ था। उसी रंजिश में उसे बुलाकर हमला किया गया।
दोस्त के बुलाने पर पहुँचा, चाकू से किए कई वार
पुलिस के मुताबिक सोमवार (6 जुलाई 2026) की शाम प्रोसेनजीत अपने एक दोस्त के बुलाने पर घर से कुछ दूरी पर पहुँचा था। वहाँ पहले से पाँच लड़के मौजूद थे। विवाद बढ़ने पर एक आरोपित ने चाकू निकालकर उसकी गर्दन और शरीर पर कई वार कर दिए।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार अधिक खून बहने से उसकी मौत हुई। घटना के समय मौजूद दोस्त ने बताया, “मैंने ही प्रोसेनजीत को वहाँ बुलाया था। मैंने उसे बचाने की कोशिश की, लेकिन मेरे दाहिने हाथ में चोट लग गई।”
पुलिस ने कहा, “पाँचों लड़के हिरासत में हैं। मामले की जाँच अभी जारी है।” पुलिस यह भी पता लगा रही है कि हत्या की वजह सिर्फ फुटबॉल मैच की रंजिश थी या इसके पीछे कोई और कारण भी था।
परिवार की माँग, आरोपितों को कड़ी सजा मिले
घटना के बाद इलाके और अस्पताल में तनाव फैल गया। विरोध-प्रदर्शन के दौरान लोगों ने सड़क जाम कर दी, जिसके बाद पुलिस ने किसी तरह हालात पर काबू पाया। मृतक के चचेरे भाई ने कहा, “प्रोसेनजीत का सपना पेशेवर फुटबॉलर बनना था। कुछ दिन पहले उसने मैच में शानदार प्रदर्शन कर मेडल जीता था। उसी के बाद रंजिश बढ़ी और उसकी हत्या कर दी गई।”
वहीं मृतक की बड़ी बहन ने कहा, “हमें इंसाफ चाहिए। आरोपित को जल्द रिहा नहीं किया जाना चाहिए।”
बिस्वास की माँ एक अस्पताल में अटेंडेंट की काम करती हैं, तो पिता रिक्शा चालक हैं। दोनों मेहनत से अपने बच्चे को खेल की दिशा में आगे बढ़ा रहे थे, लेकिन बिस्वास की हत्या के साथ ही वो सपना भी टूट गया।

