24 फरवरी 2022 की सुबह जब रूसी टैंक यूक्रेन की सीमाओं में दाखिल हुए, तब किसी ने नहीं सोचा था कि यह टकराव यूरोप की धरती पर दूसरी विश्वयुद्ध के बाद की सबसे लंबी और सबसे घातक जंग में बदल जाएगा। चार साल बीच चुके हैं, पाँचवा साल शुरू हो गया है, लेकिन गोलियों और मिसाइलों की आवाज अब भी थमी नहीं है।
बातचीत की कोशिश जारी हैं, मगर जमीन, सुरक्षा गारंटी और कब्जे जैसे सवाल अब भी दोनों देशों को आमने-सामने खड़ा किए हुए हैं। इन चार सालों में दोनों देशों के 18 लाख सैनिकों को नुकसान हुआ है। वहीं 15 हजार नागरिक और 763 बच्चे भी इस युद्ध का शिकार हुए है। CBC न्यूज की रिपोर्ट में चार साल की तबाही के साफ आँकड़े पेश किए गए हैं।
रूस-यूक्रेन को 18 लाख सैनिकों का नुकसान
अमेरिकी थिंक टैंक CSIS के मुताबिक, दोनों देशों को मिलाकर करीब 18 लाख सैनिक मारे गए, घायल हुए या लापता हैं। इसमें रूस का नुकसान 12 लाख का है, जिसमें 3 लाख 25 हजार तक मौतें शामिल हैं। CSIS का कहना है कि दूसरे विश्वयुद्ध के बाद किसी भी बड़े देश ने किसी जंग में इतने सैनिक नहीं गँवाए।
हालाँकि, रूस ने जनवरी 2023 के बाद से अपने नुकसान का कोई आँकड़ा नहीं दिया और अब तक सिर्फ 6 हजार मौतें स्वीकार की हैं। यूक्रेन की बात करें तो वहाँ 5 से 6 लाख के बीच नुकसान हुआ है, जिसमें 1 लाख 40 हजार तक मौते हैं। राष्ट्रपति जेलेंस्की ने खुद कहा कि 55 हजार यूक्रेनी सैनिक शहीद हो चुके हैं।
15 हजार नागरिक, 763 बच्चे
वहीं संयुक्त राष्ट्र (UN) ने 14,999 नागरिकों की मौत दर्ज की है और साथ ही यह भी कहा है कि असली संख्या इससे कहीं ज्यादा होगी। 40,600 से ज्यादा नागरिक घायल हुए हैं और इनमें कम से कम 763 बच्चे मारे गए हैं।
साल 2025 आम लोगों के लिए सबसे खतरनाक साल रहा जब सिर्फ उस एक साल में 2,514 नागरिक मारे गए और 12,142 घायल हुए यानी 2024 की तुलना में 31 फीसदी ज्यादा।
यूक्रेन की 19.4% जमीन पर रूस का कब्जा
इंस्टीट्यूट फॉर द स्टडी ऑफ वॉर के अनुसार, यूक्रेन की 19.4 फीसदी जमीन अभी रूस के कब्जे में है। लेकिन पिछले पूरे एक साल में रूस सिर्फ 0.79 फीसदी नई जमीन ही हासिल कर पाया। पूर्ण आक्रमण से पहले रूस के पास करीब 7 साल फीसदी यूक्रेनी इलाका था, जिसमें क्रीमिया और पूर्वी हिस्से शामिल थे।
यूक्रेन को मदद में 13% कमी
जर्मनी के कील इंस्टीट्यूट के मुताबिक, यूक्रेन को मिलने वाली विदेशी सैन्य मद पिछले साल 13 फीसदी कम हो गई। ट्रंप के सत्ता में आते ही अमेरिका ने हथियार भेजने बंद कर दिए तो यूरोपीय देशों ने अपनी मदद 67 फीसदी बढ़ा दी। मानवीय और आर्थिक सहायता भी पिछले तीन साल के औसत की तुलना में 5 फीसदी कम हुई।
यूक्रेन में 59 लाख विस्थापन
युद्ध के चलते 59 लाख यूक्रेनी नागरिक देश छोड़ चुके हैं, जिनमें 53 लाख यूरोप में और 3 लाख कनाडा में हैं। देश के भीतर भी 37 लाख लोग विस्थापित हैं। यूक्रेन की पहले की आबादी 4 करोड़ से ज्यादा थी।
अस्पतालों पर 2881 हमले
WHO के अनुसार स्वास्थ्य सेवाओं पर 2,881 बार हमले हुए, जिनमें 2,347 बार सीधे अस्पतालों को निशाना बनाया गया। 2024 की तुलना में 2025 में ऐसे हमले 20 फीसदी बढ़ गए।

