जर्मनी में भी UK जैसे ग्रूमिंग गैंग: नाबालिग लड़कियों को ड्रग्स के बहाने फँसाकर किया यौन शोषण, कई सीरियाई-पाकिस्तानी गिरफ्तार

जर्मनी के नूर्नबर्ग में महिलाओं और लड़कियों का यौन शोषण करने और उन्हें ड्रग्स के धँधे में फँसाने के आरोप में दो पाकिस्तानी नागरिकों को जर्मनी की पुलिस ने गिरफ्तार किया है। मिडिल फ्रैंकोनिया पुलिस मुख्यालय के अनुसार, अब तक कुल छह लोगों को इस मामले में हिरासत में लेकर पूछताछ की गई फिर उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। इनमें दो पाकिस्तानी और 4 सीरियाई शामिल हैं।

ये लोग नूर्नबर्ग रेलवे स्टेशन के आस-पास के इलाकों में लड़कियों और महिलाओं का भरोसा जीतते थे और फिर उन्हें ड्रग्स की धंधे में धकेल देते थे। ये लोग उनका यौन शोषण भी करते थे और फिर ड्रग्स की आदत लगा कर उनसे ड्रग्स की सप्लाई करवाते थे।

इससे पहले तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया था, इनलोगों ने नूर्नबर्ग सेंट्रल स्टेशन के आस-पास लड़कियों और युवतियों का भरोसा जीता और फिर उन्हें नशे की लत में धकेल दिया।

जर्मनी में फलता-फूलता ग्रूमिंग रिंग’ और नशे की चपेट में लड़कियाँ

मई 2026 में गोस्टेनहोफ जिले के एक अपार्टमेंट में पुलिस ने ऐसे ही ग्रूमिंग गैंग के 2 आरोपितों को गिरफ्तार किया। ये दोनों सीरिया के नागरिक हैं। इनकी उम्र मात्र 26 साल और 24 साल है। 26 साल का ग्रूमिंग गैंग का व्यक्ति नाबालिगों को नशीले पदार्थ सप्लाई करता था। उसके अपार्टमेंट की तलाशी के दौरान अधिकारियों को क्रिस्टल मेथ और कोकीन जैसी चीजें मिलीं। साथ ही करीब 2000 यूरो नकद भी बरामद हुए।

पुलिस रिपोर्ट से पता चलता है कि दूसरा सीरिया का 24 वर्षीय नागरिक बच्चों के खिलाफ यौन शोषण का दोषी पाया गया है। उसे शक के आधार पर हिरासत में लिया गया था। मामले की जाँच करने वाले जज ने दोनों लोगों के लिए गिरफ्तारी वारंट जारी किया। नूर्नबर्ग सेंट्रल स्टेशन के आस-पास ‘ग्रूमिंग गैंग’ से निपटने के लिए उसका बही खाता निकालने में पुलिस जुट गई है। इसके लिए मई महीने में जाँच आयोग का गठन किया था।

पाकिस्तान, सीरिया, गाजा, सर्बिया के नागरिकों पर पैनी नजर

यह जाँच उन शरणार्थियों पर केन्द्रित है जो पिछले कुछ सालों में सीरिया, पाकिस्तान, सर्बिया और गाजा पट्टी से आए हैं। संदिग्धों की उम्र 18 से 35 साल के बीच है। ये लोग नाबालिगों को गैर-कानूनी तरीके से नशीले पदार्थ सप्लाई करते हैं। इस मामले में कम से कम एक साल जेल की सजा हो सकती है।

जाँच में यौन अपराध भी शामिल हैं, खासकर 14 साल से कम उम्र के बच्चों और किशोरों का यौन शोषण और बलात्कार का मामला, जो तेजी से देश में बढ़ा है। जाँचकर्ताओं का मानना है कि पीड़ितों की संख्या शुरुआती अनुमान से अधिक हो सकती है। फिलहाल अधिकारियों ने कितनी लड़कियाँ या महिलाएँ इस गैंग का शिकार बनीं, इसका अंतिम आधिकारिक आँकड़ा जारी नहीं किया है। यूरोप के कई देशों खासकर जर्मनी, ब्रिटेन, फ्रांस और बेल्जियम में पिछले कुछ सालों से संगठित ग्रूमिंग नेटवर्क सामने आया है। इन मामलों में सामान्य पैटर्न यह पाया गया है कि ये लोग कमजोर, गरीब, असुरक्षित नाबालिगों को पहले विश्वास में लेते हैं, उन्हें प्रेमजाल में फँसाते हैं, फिर नशे, धमकी या भावनात्मक दबाव के जरिए उनका शोषण किया जाता है।