नगर पालिका की जमीन पर अवैध कब्जे पर चला बुलडोजर, कब्रिस्तान में बने नमाज स्थल को ढहाया: मसूरी में मुस्लिमों ने किया हाईवे जाम

उत्तराखंड के मसूरी में शनिवार (1 अगस्त) को प्रशासन ने बड़ा बुलडोजर एक्शन लिया है। यहाँ लक्ष्मणपुरी इलाके में बने करीब 200 साल पुराने कब्रिस्तान के अंदर नमाज स्थल को प्रशासन ने ध्वस्त कर दिया है। इस कार्रवाई के बाद गुस्से में आकर भारी संख्या में मुस्लिम समाज के लोग सड़कों पर उतर आए हैं। उन्होंने मसूरी-देहरादून हाईवे पर जाम लगाकर जोरदार प्रदर्शन शुरू कर दिया है।

प्रशासन का कहना है कि यह जमीन नगर पालिका परिषद की थी। प्रशासन ने कहा है कि यह बुलडोजर एक्शन पूरी तरह से कानूनी नियमों का पालन करके किया गया है। दूसरी तरफ प्रदर्शन कर रहे लोगों ने सरकार और प्रशासन पर पक्षपात करने का आरोप लगाया है। लोगों का कहना है कि प्रशासन ने गलत तरीके से यह कार्रवाई की है।

विरोध कर रहे लोगों ने साफ किया है कि जिसे तोड़ा गया वह कोई पक्की मस्जिद नहीं थी। यह एक टीनशेड था जिसका इस्तेमाल कब्रिस्तान में शव दफनाने से पहले की नमाज के लिए होता था। मुस्लिम समाज का दावा है कि यह जगह पिछले 200 सालों से मजहबी कामों में इस्तेमाल हो रही है। उनका कहना है कि यहाँ उनके पूर्वजों की कब्रें भी मौजूद हैं।

हाईवे पर जाम, पुलिस ने संभाला मोर्चा

कार्रवाई की खबर फैलते ही बड़ी संख्या में मुस्लिम पहुँच गए और विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। प्रदर्शनकारियों ने राष्ट्रीय राजमार्ग पर जाम लगा दिया, जिससे कुछ समय तक यातायात प्रभावित रहा और सड़क पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। हालात को देखते हुए भारी पुलिस बल और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुँचे।

अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों से बातचीत कर स्थिति को शांत कराने का प्रयास किया, जिसके बाद जाम समाप्त कराया गया। एहतियात के तौर पर पूरे इलाके में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर निगरानी बढ़ा दी गई है।

प्रशासन का दावा- पालिका भूमि पर था अतिक्रमण, तीन नोटिस के बाद हुई कार्रवाई

मसूरी के SDM राहुल आनंद ने बताया कि संबंधित भूमि की संयुक्त जाँच राजस्व विभाग, नगर पालिका परिषद, छावनी परिषद और वक्फ बोर्ड के अभिलेखों के आधार पर की गई। जाँच में यह स्पष्ट हुआ कि जमीन नगर पालिका परिषद मसूरी की है तथा न तो वक्फ बोर्ड और न ही किसी निजी व्यक्ति या समुदाय के स्वामित्व में है।

प्रशासन के अनुसार, जिस संरचना को हटाया गया वह पालिका की भूमि पर बना अतिक्रमण था। SDM ने बताया कि संबंधित पक्ष को तीन बार नोटिस जारी कर स्वयं ढाँचा हटाने का अवसर दिया गया था, लेकिन निर्देशों का पालन नहीं किया गया। इसके बाद पुलिस बल की मौजूदगी में नियमानुसार अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की गई।

प्रशासन का कहना है कि पूरी कार्रवाई कानून के दायरे में की गई है और वर्तमान में क्षेत्र की स्थिति नियंत्रण में है, हालाँकि संवेदनशीलता को देखते हुए लगातार निगरानी रखी जा रही है।