लखनऊ और हापुड़ समेत उत्तर प्रदेश के कई जिलों में बुधवार की सुबह शहर में कई जगहों पर समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव का मखौल बनाते हुए पोस्टर लगे हुए पाए गए। पोस्टर किसने छपाए और लगाए हैं, इसका पता अब तक नहीं चल पाया है। इन पोस्टरों में अखिलेश यादव को ‘जातिवादी सपाई’ का तमगा देकर उनकी पार्टी के नेताओं की ओर से दिए गए हालिया विवादित बयानों को शामिल किया गया है।
पोस्टर में अखिलेश यादव ठहाका लगाते हुए दिख रहे हैं। टैग लाइन लिखी गई है- सबको गाली, सबका अपमान, समाजयादव पार्टी की पहचान। पोस्टर में खास तौर पर ब्राह्मण-ठाकुर और जयंत चौधरी को लेकर बोले गए विवादित बयानों को शामिल किया गया है। इसे लेकर सपा नेताओं ने शिकायत की है। सपा पदाधिकारी और कार्यकर्ताओं ने कई जगहों पर पोस्टर फाड़ दिए और पार्टी की छवि धूमिल करने के लिहाज से लगाए जाने को लेकर रोष जताया है।
मेरठ, बागपत, मोदीनगर, हापुड़, गाजियाबाद और लखनऊ सहित कई शहरों में ये पोस्टर लगाए गए हैं। इन पोस्टरों में सपा प्रमुख अखिलेश यादव के ‘जयंत चौधरी चवन्नी थे’ बयान का जिक्र है। इसके अलाव सपा प्रवक्ता राजकुमार भाटी का ‘ब्राह्मण, वेश्या की तरह होते हैं’ वाला बयान भी छापा गया है। इसके अलावा शिवपाल यादव का ‘राजभर-निषाद नीच-तुच्छ लगो हैं’ वाला बयान और ‘ठाकुर-ब्राह्मण चोर हैं’ वाले बयान भी शामिल हैं।
इन पोस्टर्स को लेकर सपा के पदाधिकारियों ने कई शहरों में पुलिस में शिकायत भी की है। हापुड़ में हुई शिकायत के बाद पुलिस अधिकारी सीओ अनीता चौहान ने कहा कि आसपास के सीसीटीवी से पता लगाए जाने की कोशिश की जा रही है। पोस्टर किसने चस्पा करवाए इसकी जाँच की जाएगी । कुछ जगहों पर सपा के समर्थक खुद पहुँच गए और पोस्टर फाड़ डाले।
गौरतलब है कि 3 सितंबर को सहारनपुर में जयंत चौधरी स्वाभिमान रैली करने वाले हैं और 6 सितंबर को अखिलेश यादव सहारनपुर में ही युवा योद्धा सम्मेलन को संबोधित करने वाले हैं। ऐसे में उससे पहले शुरू हुआ ये पोस्टर संग्राम कितनी दूर जाएगा।

