‘खुद को बैटमैन समझकर जलाई जीप’: गुजरात में पुलिस की गाड़ी में आग लगाने वाले ने खुद को बताया ‘बाइपोलर डिसऑर्डर से पीड़ित’, HC से की FIR रद्द करने की माँग

गुजरात हाई कोर्ट ने सोमवार (1 दिसंबर 2025) को एक याचिका पर सुनवाई करते हुए राज्य सरकार को नोटिस जारी किया है। यह याचिका एक ऐसे व्यक्ति ने दायर की है जिस पर सितंबर 2023 में एलिसब्रिज पुलिस स्टेशन के पास खड़ी एक पुलिस जीप को जलाने का आरोप है।

जानकारी के अनुसार, 48 वर्षीय याचिकाकर्ता ने कोर्ट को बताया कि वह ‘गंभीर बाइपोलर डिसऑर्डर’ से पीड़ित है। उसने दावा किया कि घटना के समय वह ‘खुद को बैटमैन समझ रहा था’। याचिकाकर्ता ने अपने ऊपर दर्ज हुई FIR को रद्द करने की गुहार लगाई है। मामले की अगली सुनवाई 16 दिसंबर को होगी।

बैटमैन बनने के भ्रम में किया अपराध

याचिकाकर्ता के वकील ने कोर्ट को बताया कि उनका मुवक्किल 2017 से बाइपोलर डिसऑर्डर से पीड़ित है और उसका इलाज चल रहा है। इस बीमारी में मरीज खुद को कोई और समझने लगता है। घटना वाले दिन वह खुद को ‘बैटमैन’ समझने लगा था।

उसके घर के पास ही पुलिस स्टेशन था। वह पुलिस जीप के पास गया, कुछ कागज निकाले, उन्हें जलाया और फिर जीप में रखकर चला गया। याचिकाकर्ता को उसी दिन गिरफ्तार कर लिया गया था। बाद में उसे जमानत मिल गई थी और वह इलाज के लिए अस्पताल और बेंगलुरु के एक रिहैबिलिटेशन सेंटर में रहा।

चार्जशीट में मेडिकल रिकॉर्ड का जिक्र नहीं

वकील ने कोर्ट को मेडिकल रिकॉर्ड दिखाते हुए कहा कि याचिकाकर्ता ने अपराध तो किया है, लेकिन पुलिस ने चार्जशीट में इन दस्तावेजों को शामिल नहीं किया। वकील ने कहा कि इन रिकॉर्ड के बिना उनका मुवक्किल अपनी बेगुनाही साबित नहीं कर पाएगा। याचिकाकर्ता की देखभाल उसकी बुज़ुर्ग माँ करती हैं। अब वह बेंगलुरु में अपने भाई-भाभी के साथ रहकर नौकरी कर रहा है और उसका इलाज जारी है।

मजिस्ट्रेट से राय लेने का आदेश

सुनवाई के दौरान जस्टिस वीके व्यास ने मौखिक रूप से कहा कि मैजिस्ट्रेट को यह राय बनानी होगी कि क्या घटना के समय आरोपित सही मानसिक स्थिति में था या नहीं। कोर्ट ने सुझाव दिया कि याचिकाकर्ता को भारतीय न्याय सुरक्षा संहिता, 2023 के प्रावधानों के तहत मैजिस्ट्रेट के सामने आवेदन करना चाहिए। कोर्ट ने राज्य सरकार और एलिसब्रिज पुलिस स्टेशन के सब-इंस्पेक्टर को नोटिस जारी किया है।