मकर संक्रांति के बाद गुजरात के अहमदाबाद का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। इस वीडियो में मस्जिद से यह ऐलान किया जा रहा है कि उत्तरायण जैसे त्योहारों के मौकों पर मुस्लिम पतंग ना उड़ाएँ। यह वायरल वीडियो जुहापुरा का बताया जा रहा है। हालाँकि, ऑपइंडिया स्वतंत्र रूप से इस वीडियो की सत्यता की पुष्टि नहीं कर पाया है।
इस वीडियो में एक मौलाना मस्जिद से फरमान जारी करते हुए सुनाई दे रहा है। वह कह रहा है, “पतंग उड़ाने वाले मुस्लिमों से अनुरोध है कि वे पतंग न उड़ाएँ, यह (उत्तरायण) इस्लामी त्योहार नहीं है। इस्लाम का मजाक न उड़ाएँ।” इस वीडियो के वायरल होने के बाद से इस पर तरह-तरह की प्रतिक्रियाएँ आ रही हैं।
गुजरात के कर्णावती की एक मस्जिद से घोषणा हुई- “मुसलमान पतंगे ना उड़ाए, ये इस्लामिक पर्व नहीं”।
— Kajal HINDUsthani (@kajal_jaihind) January 16, 2026
तो मौलाना साहब साथ में ये भी घोषणा कर देते की-
मुसलमान हिंदू नाम से अपने रेस्टोरेंट का नाम ना रखें,
मुसलमान हिंदू त्योहारो के समान का विक्रय ना करे जैसे होली के रंग, दिवाली के पठाखे,… https://t.co/kiunQ4kYm4
इस वीडियो पर प्रतिक्रिया देते हुए हिंदुत्ववादी वक्ता काजल हिंदुस्तानी ने लिखा, “मौलाना साहब को यह भी घोषणा करनी चाहिए कि मुस्लिमों अपने रेस्तराँ का नाम हिंदू नामों पर न रखें, मुस्लिम हिंदू त्योहारों से जुड़ी चीजें, जैसे होली के रंग, दिवाली के पटाखे, संक्रांति और रक्षा बंधन की पतंगें आदि न बेचें।”
ભારત બિનસાંપ્રદાયિક દેશ છે એવો સંવિધાનનો સાર નાના હતા ત્યારે સમજાવવામાં આવ્યો હતો.
— Janak Dave (@dave_janak) January 16, 2026
આ વિડીયો જોયા બાદ લાગે ખરેખર એવું છે ?
આ વાયરલ વિડીયો પર આપનો અભિપ્રાય શું છે ? pic.twitter.com/C0YBJqIErx
काजल हिंदुस्तानी ने लव जिहाद से लेकर लैंड जिहाद तक कई मुद्दों पर हमला किया था। पत्रकार जनक दवे ने भी लिखा, “मुझे बचपन में समझाया गया था कि भारत एक धर्मनिरपेक्ष देश है और संविधान का यही सार है। इस वीडियो को देखने के बाद, क्या आपको लगता है कि वास्तव में ऐसा ही है?” सोशल मीडिया पर यह वीडियो वायरल होने के बाद लोग अलग-अलग तरह से इस तरह के ऐलान का विरोध कर रहे हैं।

