उत्तर प्रदेश के हमीरपुर जिले में निर्माणाधीन पुल का हिस्सा गिरने से 6 मजदूरों की मौत के मामले में प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई शुरू कर दी है। हादसे के बाद निर्माण कार्य से जुड़ी कंपनी, उसके मालिक और प्रोजेक्ट सुपरवाइजर के खिलाफ नामजद FIR दर्ज की गई है। वही उत्तर प्रदेश सेतु निर्माण निगम ने एक अधिकारी को निलंबित कर विभागीय जाँच के आदेश दिए हैं।
29 मई 2026 को कुरारा थाना क्षेत्र में बेतवा नदी पर ग्राम मोराकांदर और कंडोर के बीच बन रहे पुल का सेगमेंटल स्पैन अचानक भरभराकर गिर गया। हादसे के समय कई मजदूर निर्माण कार्य में जुटे थे, जो मलबे की चपेट में आ गए। सूचना मिलते ही पुलिस, प्रशासन और SDRF की टीम मौके पर पहुँची और राहत-बचाव अभियान शुरू किया।
रेस्क्यू के दौरान तीन मजदूरों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया, जबकि मलबे में दबे छह मजदूरों के शव बरामद किए गए। पुलिस ने बताया कि मामले में पहले से एडवाइजरी जारी कर दी गई थी, इसके बावजूद काम चल रहा था।
सीएम योगी ने किया मुआवजे का ऐलान
हादसे के बाद सीएम योगी आदित्यनाथ ने हादसे में जान गंवाने वाले मजदूरों के परिजनों को 5-5 लाख रुपए देने का ऐलान किया है। वहीं घायलों को 50-50 हजार रुपए की सहायता राशि देने के निर्देश दिए गए हैं। हादसे के बाद उत्तर प्रदेश सेतु निर्माण निगम के उप परियोजना प्रबंधक की तहरीर पर कुरारा थाने में मुकदमा दर्ज किया गया है।
FIR में निर्माण कार्य कर रही कंपनी एमएस द सेल्टर, उसके मालिक विजय प्रताप सिंह और प्रोजेक्ट सुपरवाइजर नीतिश सचान को नामजद किया गया है। प्रारंभिक आरोपों के अनुसार, तेज आँधी के दौरान पुल का हिस्सा गिरा, जिससे मजदूर उसकी चपेट में आ गए। पुलिस ने मामला दर्ज कर जाँच शुरू कर दी है और तकनीकी पहलुओं की भी पड़ताल की जा रही है।

सेतु निर्माण निगम का एक्शन, अभियंता निलंबित: विभागीय जाँच के आदेश
घटना के बाद उत्तर प्रदेश सेतु निर्माण निगम ने भी सख्त रुख अपनाया है। प्राथमिक जाँच के आधार पर निगम के सहायक अभियंता गजेंद्र चौधरी को निलंबित कर दिया गया है। इसके साथ ही परियोजना की निगरानी और सुरक्षा व्यवस्थाओं में किसी प्रकार की चूक हुई या नहीं, इसकी जाँच के लिए विभागीय कार्रवाई भी शुरू कर दी गई है।
अधिकारियों का कहना है कि हादसे के हर पहलू की गहन जाँच की जा रही है और जो भी व्यक्ति दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

