‘मोहम्मद अशहर लगातार भेजता रहा ईमेल’: महाकुंभ से चर्चा में आईं साध्वी हर्षा रिछारिया ने ‘लव जिहाद’ के लिए किया सावधान, बताया जिहादी कैसे करते हैं ब्रेनवॉश

महाकुंभ के दौरान सुर्खियों में आईं मध्य प्रदेश की साध्वी हर्षा रिछारिया एक बार फिर चर्चा में हैं। उन्होंने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर एक वीडियो साझा कर मोहम्मद अशहर द्वारा भेजे गए ईमेल्स का जिक्र करते हुए ‘लव जिहाद’ और ‘ब्रेनवॉश’ जैसे मुद्दों पर बात रखी है। उन्होंने कहा कि मुस्लिम हिंदू लड़कियों को बुरे वक्त में साथ देकर फँसाने की कोशिश करते हैं।

हर्षा रिछारिया ने वीडियो में कहा, ”मैं एक बात बताती हूँ। आज हो सकता है बहुत से लोगों को मिर्ची लगे। मुझे कोई फर्क नहीं पड़ता। मुझे एक व्यक्ति के कुछ मेल मिले। पिछले कुछ दिनों में जिसने बराबर मुझसे ये पूछा कि तुम कैसी हो, कहाँ हो? कोई खबर नहीं तुम्हारी, तुम्हारी हेल्थ ठीक है कि नहीं है? तुम कोई पोस्ट क्यों नहीं डाल रही हो?”

उन्होंने आगे कहा, “देखो हर्षा ये सब चीजें फेम के लिए और फॉलोवर्स बढ़ाने के लिए तो ठीक हैं, लेकिन आखिर में इससे घर नहीं चलता। इससे इनकम नहीं होती। उसके लिए तुम्हारा क्या फ्यूचर प्लान है? तुम मुझसे शेयर कर सकती हो।”

हर्षा ने कहा कि जब किसी व्यक्ति को अपने ही लोगों से सहयोग और समझ की जरूरत होती है, तब अक्सर उसे उपहास और आलोचना का सामना करना पड़ता है। उनके मुताबिक, यही स्थिति किसी को मानसिक और भावनात्मक रूप से कमजोर बना देती है, जिसका फायदा दूसरे लोग उठा सकते हैं।

हर्षा रिछारिया ने वीडियो में आगे कहा कि जब कोई इंसान को मानिसिक और भावानात्मक तौर पर बुरी तरह टूटा हुआ होता है तो वो कमी दूसरे धर्म के लोग नोटिस करते हैं और तब उन्हें समझ में आ जाता है कि ये लड़की टूटी हुई है, ये लड़की परेशान है, इसे कंधे की जरूरत है। इसे साथ की जरूरत है।

हर्षा ने आगे कहा, “तब वो वो साथ बन के आते हैं, तब वो ये यकीन दिलाते हैं कि देखो, मैंने तुम्हे तब समझा जब कोई और तुम्हें सुनने तक को राजी नहीं था, तब उस लड़की को लगता है कि हाँ, इससे अच्छा मेरे लिए कौन हो सकता है। मेरे धर्म के लोग मुझे नहीं समझ रहे, मेरे धर्म के लोग मुझे नहीं सुन रहे हैं। मेरे अपने मुझे नहीं सुन रहे हैं, तो ये इंसान तो मेरी जिंदगी में फरिश्ता बनकर आया। तब वो उस लड़के के कंधे पर सिर रख के रोने लगती है और तब यहाँ से शुरुआत होती है ‘ब्रेनवॉश’ और ‘लव जिहाद’ की।”