पाकिस्तान-अफगानिस्तान बॉर्डर पर रातभर चली फायरिंग: दो महीने बाद फिर सीमा संघर्ष तेज, एक-दूसरे पर संघर्षविराम तोड़ने का आरोप

पाकिस्तान अफगानिस्तान की सीमा पर तनाव एक बार फिर चरम पर है। दोनों देशों की फौज के बीच शुक्रवार (5 दिसंबर 2025) की देर रात भारी गोलीबारी हुई। अभी तक किसी के मारे जाने या घायल होने की पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन हालात गंभीर बताए जा रहे हैं।

गोलीबारी अफगानिस्तान के कंधार प्रांत के स्पिन बोल्डक इलाके और पाकिस्तान की ओर चमन सीमा के पास हुई। कुछ दिन पहले दोनों देशों के बीच हुई शांति वार्ता भी किसी नतीजे तक नहीं पहुँच सकी थी।

आरोपों की अदला-बदली

घटना के बाद दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर संघर्षविराम तोड़ने का आरोप लगाया। अफगान तालिबान के प्रवक्ता जबीहुल्लाह मुजाहिद ने कहा कि पाकिस्तानी फौज ने पहले हमला किया, जबकि पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के प्रवक्ता मुशर्रफ जैदी ने इसे बिना किसी उकसावे की गोलीबारी बताया।

स्थानीय पाकिस्तानी अधिकारी मोहम्मद सादिक ने दावा किया कि गोलीबारी की शुरुआत अफगानिस्तानी पक्ष की ओर से हुई, वहीं अफगान सीमा पुलिस ने कहा कि पाकिस्तान ने पहले हथगोला दागा, जिसके बाद जवाब देना पड़ा।

तनाव की वजह

इस विवाद के केंद्र में पाकिस्तान का यह आरोप है कि अफगानिस्तान के लड़ाके पाकिस्तान में हमले कर रहे हैं। दूसरी ओर, काबुल इन आरोपों को बेबुनियाद बताता है। पिछले दो महीने से संघर्षविराम लागू होने के बावजूद, तनाव कम नहीं हो सका है। अक्टूबर में हुई हिंसक झड़पों में दर्जनों लोगों की मौत हुई थी, जिसके बाद कतर की मध्यस्थता में युद्धविराम लागू किया गया था।

शांति प्रयासों पर असर

जहाँ एक ओर सीमा विवाद अपने चरम पर है, वहीं विडंबना यह है कि गोलीबारी से ठीक एक दिन पहले पाकिस्तान ने संयुक्त राष्ट्र को चमन और तोरखम मार्गों से राहत सामग्री भेजने की अनुमति देने की घोषणा की थी। ये मार्ग पिछले दो महीने से बंद थे।

वर्तमान स्थिति ने न केवल दोनों पड़ोसी देशों के रिश्तों को फिर से तनावपूर्ण बना दिया है, बल्कि भविष्य की शांति वार्ताओं पर भी बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है।