बांग्लादेश में हिंदू युवक चंचल भौमिक को दुकान में जिंदा जलाकर मारा, मौत तक खड़ा रहा हमलावर: जमात नेता अफजल हुसैन बोला- संसद से दूर रखें जाएँ गैर-मुस्लिम

बांग्लादेश में चुनावी माहौल के बीच एक 23 वर्षीय हिंदू युवक को दुकान के अंदर जिंदा जलाकर मार दिए जाने की घटना सामने आई है। यह घटना ऐसे वक्त में सामने आई है जब कट्टरपंथी बयानबाजी भी खुलेआम तेज हो रही है। एक तरफ चुनावी मंचों से अल्पसंख्यकों को संसद से बाहर रखने जैसी धमकियाँ दी जा रही हैं, तो दूसरी ओर जमीनी स्तर पर हिंसा की घटनाएँ अल्पसंख्यक समुदाय की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर रही हैं।

मौत होने तक खड़ा रहा आरोपित

शुक्रवार (23 जनवरी 2026) की रात नरसिंदी जिले में चंचल भौमिक नाम के युवक को उसकी ही दुकान में जिंदा जला दिया गया। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, वह रोज की तरह गैराज में सो रहा था, तभी किसी ने बाहर से शटर बंद कर पेट्रोल डाला और आग लगा दी। इसके बाद हमलावर बाहर खड़ा युवक की मौत तक सब कुछ देखता रहा, फिर फरार हो गया।

चंचल अपने परिवार का इकलौता कमाने वाला सदस्य था। पिता का पहले ही देहांत हो चुका था और उसकी कमाई से बीमार माँ, दिव्यांग बड़े भाई और छोटे भाई का गुजारा चलता था। स्थानीय लोगों के मुताबिक वह शांत स्वभाव का था, जिसकी किसी से कोई दुश्मनी नहीं थी। परिवार को शक है कि यह हमला सुनियोजित था और इसके पीछे का कारण धार्मिक नफरत हो सकता है।

चुनावी मंच से अल्पसंख्यकों के खिलाफ जहर

एक तरफ देश में हिंदुओं के खिलाफ बढ़ती हिंसा थमने का नाम नहीं ले रही है तो दूसरी तरफ जमात-ए-इस्लामी के उम्मीदवार, बर्गुना-2 सीट से पार्टी प्रत्याशी अफजल हुसैन ने एक जनसभा में हिंदुओं के खिलाफ जहर उगला है। संबोधन में अफजल ने कहा कि मुस्लिम बहुल देश में गैर-मुस्लिमों को संसद में जगह नहीं मिलनी चाहिए।

हुसैन ने चोरी करने वालों के हाथ काटने जैसे दंड को सही ठहराया और कहा कि इससे अपराध खत्म हो जाएगा। संविधान को नकारते हुए नेता ने कुरान आधारित शासन की वकालत की और मजहबी कानूनों के तहत सख्त सजाओं को जायज ठहराया।