5वीं पास इमाम ने ‘कपड़ा व्यापारी’ बनकर मल्टीनैशनल कंपनी में काम करने वाली को फँसाया, सच्चाई जानने पर रेत दिया बीवी का गला: साथी नदीम संग हुआ गिरफ्तार

उत्तर प्रदेश के मेरठ में 17 सितंबर 2025 को गंगनहर पटरी के पास मिली बुर्का पहनी महिला की हत्या का रहस्य अब पुलिस ने सुलझा लिया है। इस सनसनीखेज जाँच में पता चला कि हत्या किसी बाहरी व्यक्ति ने नहीं, बल्कि महिला के इमाम शौहर शहजाद ने अपने दोस्त नदीम के साथ मिलकर की थी।

जानकारी के अनुसार, नईमा का निकाह मुजफ्फरनगर के चरथावल में मस्जिद के इमाम शहजाद से हुआ था। दोनों की मुलाकात सोशल मीडिया पर हुई थी, जहाँ शहजाद ने खुद को कपड़ों का व्यापारी बताकर नईमा को प्रेमजाल में फँसा लिया। बेचारी नईमा इस सच्चाई से अनजान थी कि शहजाद पहले से शादीशुदा है और उसके तीन बच्चे हैं।

निकाह के बाद जब नईमा को यह सच पता चला, तो दोनों के बीच लगातार झगड़े होने लगे। नईमा उसे उसकी पहली बीवी से मिलने से भी रोकने लगी। इसी बात से नाराज होकर शहजाद ने अपनी नई बीवी को रास्ते से हटाने की खौफनाक साजिश रच डाली। उसने अपने दोस्त नदीम अंसारी को इस काम के लिए 12,000 रुपए दिए।

शॉपिंग का बहाना और खूनी वारदात

पूरी योजना के तहत, 16 सितंबर 2025 को शहजाद और नदीम, नईमा को शॉपिंग के बहाने मेरठ लाए। वहाँ उन्होंने उसके जूस में नींद की गोलियाँ मिला दीं। जब नईमा बेहोशी की हालत में थी, तो दोनों उसे सिवाल खास के पास खेत में ले गए। पहले नदीम ने रस्सी से उसका गला घोंटा, और फिर शहजाद ने छुरी से उसका गला काटकर हत्या कर दी।

हत्या के बाद पुलिस को गुमराह करने के लिए शहजाद ने मुजफ्फरनगर में अपनी बीवी की गुमशुदगी भी दर्ज करा दी। हालाँकि, मेरठ पुलिस की पूछताछ में उसके बयान उलझे हुए निकले। कड़ाई से पूछताछ करने पर, उसने आखिरकार हत्या का पूरा राज उगल दिया।

पुलिस ने दोनों आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया है और हत्या में इस्तेमाल की गई छुरी और रस्सी भी बरामद कर ली है। एसएसपी विपिन ताडा ने इस केस को सुलझाने वाली टीम को 25,000 रुपए का इनाम देने की घोषणा की है।