केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने सोमवार (30 दिसंबर 2025) को भारत-ऑस्ट्रेलिया आर्थिक सहयोग और व्यापार समझौते (ECTA) की तीसरी वर्षगाँठ पर बड़ी घोषणा की। उन्होंने बताया कि 1 जनवरी 2026 से ऑस्ट्रेलिया भारतीय निर्यात पर सभी टैरिफ लाइनों को जीरो कर देगा, यानी भारत से जाने वाला 100% सामान ड्यूटी-फ्री हो जाएगा।
यह समझौता 29 दिसंबर 2022 को लागू हुआ था और अब तीन साल पूरे होने पर यह नया मोड़ आया है। hr/t< गोयल ने X पर पोस्ट किया, “भारत-ऑस्ट्रेलिया आर्थिक सहयोग और व्यापार समझौते (इंड-ऑस ईसीटीए) की तीसरी सालगिरह पर हम इस साझेदारी को सेलिब्रेट कर रहे हैं, जो सिर्फ इरादों में नहीं रही बल्कि असली असर दिखाया है। पिछले तीन सालों में इस समझौते ने भारतीय निर्यात में लगातार बढ़ोतरी दी है, बाजार तक गहरी पहुँच बनाई है और सप्लाई चेन को और मजबूत किया है। इससे भारतीय निर्यातकों, छोटे-मध्यम उद्योगों (एमएसएमई), किसानों और मजदूरों सभी को फायदा हुआ है।”
पीयूष गोयल ने आगे लिखा, “1 जनवरी 2026 से ऑस्ट्रेलिया भारतीय निर्यात पर अपनी सभी टैरिफ लाइनों को जीरो कर देगा, यानी 100% सामान पर कोई ड्यूटी नहीं लगेगी। इससे श्रम-आधारित सेक्टरों के लिए नई-नई संभावनाएँ खुलेंगी।”
As we mark the 3rd anniversary of the India-Australia Economic Cooperation & Trade Agreement (Ind-Aus ECTA), we celebrate a partnership that has translated intent into impact.
— Piyush Goyal (@PiyushGoyal) December 29, 2025
Over the past three years, the Agreement has delivered sustained export growth, deeper market access,… pic.twitter.com/uV6ILiOdq2
इस घोषणा से लेबर-इंटेंसिव सेक्टर्स जैसे टेक्सटाइल, लेदर, जेम्स-ज्वेलरी और प्रोसेस्ड फूड को बड़ा फायदा मिलेगा। FY2024-25 में भारत का ऑस्ट्रेलिया को निर्यात 8% से ज्यादा बढ़ा है, जिससे ट्रेड बैलेंस बेहतर हुआ। मैन्युफैक्चरिंग, केमिकल्स, टेक्सटाइल, फार्मा, पेट्रोलियम और जेम्स एंड ज्वेलरी में जोरदार ग्रोथ देखी गई।
अप्रैल-नवंबर 2025 में जेम्स एंड ज्वेलरी निर्यात 16% बढ़ा। कृषि निर्यात में भी फल-सब्जियाँ, मरीन प्रोडक्ट्स, मसाले और कॉफी में तेजी आई।
यह खबर अमेरिका के साथ ट्रेड टेंशन के बीच राहत लेकर आई है, जहाँ ट्रंप ने अगस्त 2025 से भारतीय निर्यात पर 50% टैरिफ लगा दिया। मोदी सरकार की स्ट्रेटजी से भारत न्यूजीलैंड, ओमान और अन्य देशों से जीरो टैरिफ डील कर रहा है, जिससे निर्यात बाजार विविध हो रहे हैं।
दोनों देश अब व्यापक CECA पर बातचीत कर रहे हैं, जो इंडो-पैसिफिक में भारत की इकोनॉमिक एंगेजमेंट को मजबूत करेगा। यह ‘मेक इन इंडिया’ और ‘विकसित भारत 2047’ विजन से जुड़ा है।

