‘यह सब बहुत खतरनाक’: UAE के बराकाह न्यूक्लियर प्लांट पर ड्रोन अटैक की भारत ने की निंदा, कहा- बातचीत से सुलझाएँ विवाद, ऐसे हमले अस्वीकार्य

भारत ने संयुक्त अरब अमीरात के बराकाह परमाणु संयंत्र को निशाना बनाकर किए गए हमले की निंदा की है।
विदेश मंत्रालय ने सभी पक्षों से संयम बरतने और आगे के तनाव को रोकने के लिए बातचीत और कूटनीति का रास्ता अपनाने की अपील की है।

विदेश मंत्रालय ने कहा, “ऐसे कार्य अस्वीकार्य हैं और तनाव बढ़ाने का काम करते हैं। हम तत्काल संयम बरतने, संवाद और कूटनीति की ओर लौटने का आह्वान करते हैं।”

अबू धाबी के बराकाह न्यूक्लियर पावर प्लांट में रविवार रात (17 मई 2026) ड्रोन से हमला हुआ, जिसके बाद वहाँ आग लग गई। हालाँकि हमले में किसी के घायल होने की खबर नहीं है। संघीय परमाणु नियामक प्राधिकरण (Federal Nuclear Regulatory Authority) ने भी आग लगने की पुष्टि की है, साथ ही कहा है कि इससे संयंत्र के जरूरी सिस्टम पर कोई असर नहीं पड़ा है। सभी यूनिट्स सामान्य रूप से काम कर रहे हैं। लोगों से अफवाहों पर ध्यान नहीं देने और आधिकारिक बयान से जानकारी लेने को कहा गया है।

यूएई ने हमले को लेकर कहा है कि किसी भी हमले के जवाब दिया जाएगा। उसने अपने ‘कूटनीतिक और सैन्य अधिकार’ सुरक्षित रखे हैं।

दरअसल यूएई का यह एकमात्र परमाणु ऊर्जा संयंत्र है, जो 2020 में दक्षिण कोरिया की मदद से बनाया गया था।

इससे पहले 5 मई को यूएई ने कहा था कि उसके कुछ क्षेत्रों पर ईरान ने मिसाइलों और ड्रोन से हमला किया, लेकिन ईरान की सैन्य कमान ने इस आरोप से इनकार किया था। ईरान यूएई पर आरोप लगा रहा है कि वह अमेरिका को युद्ध में अपनी जमीन उपलब्ध करा रहा है। ईरान युद्ध के बीच यूएई हमले से तनाव और बढ़ सकता है।