भारत और यूरोपीय संघ (ईयू) के बीच लंबे समय से चल रही बातचीत के बाद मुक्त व्यापार समझौता (एफटीए) मंगलवार (27 जनवरी 2026) को औपचारिक रूप से घोषित हो गया। दिल्ली में हो रहे 16वें भारत-ईयू शिखर सम्मेलन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा और यूरोपीय कमीशन की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन की मौजूदगी में कई बड़े समझौतों पर मुहर लग गई।
भारत-ईयू के बीच का यह समझौता दोनों पक्षों के लिए बाजारों तक आसान पहुँच देगा। भारत ने कृषि और डेयरी उत्पादों को इससे बाहर रखा है, जबकि ईयू को वित्तीय और कानूनी सेवाओं में ज्यादा अवसर मिलेंगे। इसके अलावा रक्षा, समुद्री सुरक्षा, साइबर सिक्योरिटी और आतंकवाद निरोधक सहयोग पर अलग समझौता होगा। मोबिलिटी समझौते से छात्रों, शोधकर्ताओं और कुशल पेशेवरों की आवाजाही आसान होगी।
इस डील पर अमेरिका ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने कहा कि यूरोप खुद अपने खिलाफ चल रही जंग को फंड कर रहा है। एबीसी न्यूज़ से बातचीत में उन्होंने कहा, “यूक्रेन वॉर को खत्म करने के लिए अमेरिका ने यूरोप से ज्यादा बलिदान दिया है। हमने रूसी तेल खरीदने के कारण भारत पर 25 प्रतिशत टैरिफ लगाया और बदले में देखिए यूरोप भारत से ट्रेड डील करने जा रहा है।”
बेसेंट ने आगे कहा, “रूसी कच्चा तेल भारत जाता है। वहां वो रिफाइन होता है और वो रिफाइंड प्रोडक्ट यूरोपीय देश खरीदते हैं। यानी वो खुद ही अपने खिलाफ लड़ाई को फंड कर रहे हैं। खैर ट्रंप प्रशासन यूक्रेन वॉर को रुकवा के ही दम लेगा।” उन्होंने 24 जनवरी को भी कहा था, “हमने भारत पर टैरिफ लगाए जिसका अच्छा परिणाम निकला लेकिन यूरोपीय देशों ने रूसी तेल की खरीद को लेकर भारत पर किसी भी तरह के टैरिफ लगाने से इनकार कर दिया क्योंकि वो उनके साथ ये ट्रेड डील साइन करने जा रहे हैं।”
बेसेंट ने यूरोप पर तंज कसते हुए कहा, “यूक्रेन वॉर के बाद से भारत भारी डिस्काउंट वाला वो रूसी तेल खरीद रहा था जिस पर यूरोप ने बैन लगाया था। वो तेल भारत की रिफाइनरी में जाता था और यूरोप की मूर्खता की हरकत देखिए कि वो वही तेल वापस भारत से खरीद लेता था।” जब रिपोर्टर ने पूछा कि क्या वे यूरोपीय देशों को मूर्ख कह रहे हैं, तो बेसेंट ने जवाब दिया, “मूर्ख नहीं लेकिन हां मूर्खता का काम जरूर है।”
यह घटनाक्रम ऐसे समय में हो रहा है जब भारत और ईयू दोनों के अमेरिका से व्यापारिक तनाव चल रहे हैं। ट्रंप प्रशासन ने भारत पर रूसी तेल खरीद के लिए अतिरिक्त टैरिफ लगाए हैं। वहीं ईयू भी अमेरिकी टैरिफ नीतियों से परेशान है।
सम्मेलन से एक दिन पहले 26 जनवरी 2026 को गणतंत्र दिवस परेड में कोस्टा और वॉन डेर लेयेन मुख्य अतिथि थे। यह भारत की कूटनीति का संकेत है कि वह अमेरिका के अलावा अन्य शक्तियों से रिश्ते मजबूत कर रहा है।
हालाँकि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत को 77वें गणतंत्र दिवस की बधाई दी। उन्होंने कहा, “अमेरिका के लोगों की ओर से, मैं भारत सरकार और भारत के लोगों को आपके 77वें गणतंत्र दिवस पर हार्दिक बधाई देता हूँ।” उन्होंने दोनों देशों के ऐतिहासिक संबंधों का भी जिक्र किया।

