मिडिल ईस्ट में चल रहे युद्ध के कारण भारत में LPG (Liquefied Petroleum Gas) की आपूर्ति प्रभावित हुई है, जिसके चलते देश को गैस की कमी का सामना करना पड़ रहा है। इस स्थिति से निपटने के लिए भारत ने अमेरिका से 10 लाख टन LPG खरीदने का फैसला किया है।
इसके तहत भारत ने अमेरिका से 20 वेरी लार्ज गैस कैरियर (VLGC) जहाजों के जरिए गैस मंगाई है, जो करीब 10 लाख टन के बराबर है। हालाँकि भारत में हर महीने घरेलू खपत के लिए लगभग 40 VLGC जहाजों के बराबर LPG की जरूरत पड़ती है।
रसोई गैस की आपूर्ति को लेकर बढ़ती चिंता के बीच सरकार ने मंगलवार (10 मार्च 2026) को लोगों को भरोसा दिलाया कि घरेलू जरूरतों को पूरा करने के लिए पर्याप्त इंतजाम किए गए हैं। सरकार ने बताया कि देश में LPG का उत्पादन भी करीब 10% बढ़ा दिया गया है। गौरतलब है कि भारत में 33 करोड़ से ज्यादा उपभोक्ता खाना बनाने के लिए LPG का इस्तेमाल करते हैं।
लोगों को हो रही समस्या
हालाँकि इन व्यवस्थाओं के बावजूद कई जगह लोगों को LPG सिलेंडर की बुकिंग और डिलीवरी में देरी का सामना करना पड़ रहा है। साथ ही सिलेंडरों की कालाबाजारी के मामले भी सामने आ रहे हैं।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, हॉर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों में बाधा आने के कारण LPG की आपूर्ति प्रभावित हुई है, क्योंकि भारत के LPG आयात का बड़ा हिस्सा इसी रास्ते से आता है।
इसी कमी के चलते सरकार ने रविवार (8 मार्च 2026) को कमर्शियल LPG की आपूर्ति पर कुछ समय के लिए रोक लगा दी थी, हालाँकि बाद में अस्पतालों और शैक्षणिक संस्थानों जैसे जरूरी क्षेत्रों के लिए आपूर्ति जारी रखी गई।
कारोबारियों को हो रही कमर्शियलLPG सिलेंडर की कमी
देशभर के होटल और रेस्तराँ कारोबारियों ने कमर्शियल LPG सिलेंडरों की भारी कमी की शिकायत की है। उनका कहना है कि अगर स्थिति जल्द नहीं सुधरी तो कई होटल और रेस्तराँ बंद होने की कगार पर पहुँच सकते हैं।
नेशनल रेस्टोरेंट एसोसिएशन ऑफ इंडिया (NRAI), इंडियन होटल एंड रेस्टोरेंट एसोसिएशन (AHAR), बेंगलुरु होटल्स एसोसिएशन, चेन्नई होटल्स एसोसिएशन, चेन्नई टी शॉप्स एसोसिएशन और ओडिशा होटल एंड रेस्टोरेंट एसोसिएशन (HRAO) सहित कई संगठनों ने सरकार से एलपीजी की नियमित आपूर्ति सुनिश्चित करने की माँग की है।
NRAI ने अपने बयान में कहा कि रेस्तराँ उद्योग पूरी तरह कमर्शियल LPG पर निर्भर है और अगर इसकी आपूर्ति में बाधा आती है तो बड़ी संख्या में रेस्तराँ बंद होने की स्थिति बन सकती है।
पेट्रोलियम प्लानिंग एंड एनालिसिस सेल (PPAC) के आंकड़ों के अनुसार अप्रैल 2025 से जनवरी 2026 के बीच भारत में कुल LPG उत्पादन 10.642 मिलियन मीट्रिक टन (MMT) रहा है। वहीं सिर्फ जनवरी 2026 में 1.158 MMT LPG का उत्पादन हुआ। फिलहाल सरकार आयात पर निर्भरता कम करने के लिए घरेलू उत्पादन बढ़ाने की कोई नई योजना नहीं बना रही है।
भारत दुनिया के सबसे बड़े तेल आयातकों में से एक है, क्योंकि देश में घरेलू उत्पादन काफी कम है। भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों का बड़ा हिस्सा खाड़ी देशों से आयात करता है।
देश अपनी कुल LPG जरूरत का लगभग 80–85% आयात करता है, जिससे भारत चीन के बाद दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा LPG आयातक है। LPG का अधिकांश उत्पादन कच्चे तेल से होता है और भारतीय रिफाइनरियों ने हाल के समय में इसका उत्पादन करीब 10% तक बढ़ाया है।

