भारत दौरे के बाद तालिबानी विदेश मंत्री अमीर खान मुत्ताकी के अफगानिस्तान लौटते ही भारत ने काबुल में दूतावास खोलने की घोषणा कर दी है। मंगलवार (21 अक्टूबर 2025) को भारत ने काबुल में अपने तकनीकी मिशन को दूतावास का दर्जा दे दिया है।
विदेश मंत्रालय (MEA) ने अधिकारिक बयान जारी करते हुए कहा, “हाल ही में अफगान विदेश मंत्री की भारत यात्रा के दौरान लिए गए निर्णय के अनुसार, सरकार काबुल में भारत के तकनीकी मिशन को ‘भारत का दूतावास’ का दर्जा दे रही है। यह कदम भारत की इस प्रतिबद्धता को दर्शाता है कि वह अफगान पक्ष के साथ परस्पर हित के सभी क्षेत्रों में द्विपक्षीय साझेदारी को और गहरा करना चाहता है।”
उल्लेखनीय है कि तालिबानी विदेश मंत्री अमीर खान मुत्ताकी 09 से 16 अक्टूबर 2025 तक भारत की यात्रा पर थे। भारत दौरे के दौरान भी मुत्ताकी ने भारत के काबुल में दूतावास खोलने पर बात की थी।
अफगानिस्तान का भारत को रिटर्न गिफ्ट
भारत का काबुल में दोबारा से दूतावास खुलते ही अफगानिस्तान ने भी रिटर्न गिफ्ट दे दिया। अफगानिस्तान के उपप्रधानमंत्री मुल्ला अब्दुल गनी बरादर तापी (TAPI) गैसलाइन प्रोजेक्ट देखने पहुँच गए। ये प्रोजेक्ट तुर्कमेनिस्तान से अफगानिस्तान, पाकिस्तान होते हुए भारत तक प्राकृतिक गैस पहुँचाने के लिए महत्वाकांक्षी परियोजना है।
क्या है TAPI प्रोजेक्ट?
TAPI पाइपलाइन प्रोजेक्ट के तहत भारत को प्राकृतिक गैस पहुँचाई जाएगी। इसकी दूरी करीब 1800 किलोमीटर के आसपास होगी। इस पाइपलाइन में हर साल लगभग 33 बिलियन घन मीटर गैस ले जाने की क्षमता होगी। इस योजना का मुख्य उद्देश्य तुर्कमेनिस्तान के गैस भंडार को भारत-पाकिस्तान में पहुँचाना है।
भारत को TAPI प्रोजेक्ट से कैसे पहुँचेगा लाभ?
TAPI पाइपलाइन प्रोजेक्ट से भारत को काफी फायदा होने वाला है। इससे भारत में औद्योगीकरण, आबादी और शहरों के विस्तार से ऊर्जा की माँग बहुत तेजी से बढ़ेगी। इस पाइपलाइन से भारत को अलग सोर्स से गैस मिलेगी, जिससे मध्यपूर्व या समुद्री रास्तों पर निर्भरता कम होगी। ये गैस कोल या तेल की तुलना में स्वच्छ है, जिससे शहरों में प्रदूषण कम होगा और पर्यावरण के लिहाज से भी बेहतर है।
आर्थिक लाभों को देखा जाए तो ये पाइपलाइन सस्ती और बेहतर गैस आपूर्ति से भारत में फैक्ट्रियाँ, उर्वरक उद्योग, पावर प्लांट आदि को फायदा होगा। गैस की ऐसी आपूर्ति आने से भारत की ऊर्जा-आयात लागत कम होगी, जिससे ट्रेड बैलेंस में सुधार होगा।

