पनडुब्बी INS वाघषीर में राष्ट्रपति मुर्मू ने की यात्रा, इससे पहले डॉ कलाम ने की थी यात्रा: जानें क्यों खास है यह सबमरीन

भारत की रक्षा क्षमताओं के इतिहास में एक नया अध्याय जुड़ गया है। राष्ट्रपति और सशस्त्र बलों की सर्वोच्च कमांडर द्रौपदी मुर्मू ने रविवार (28 दिसंबर 2025) को कर्नाटक स्थित कारवार नेवल बेस से भारतीय नौसेना की स्वदेशी कलवरी श्रेणी की पनडुब्बी INS वाघषीर पर सवार होकर गहरे समुद्र की यात्रा की।

इस दौरान उनके साथ नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश कुमार त्रिपाठी भी मौजूद रहे। यह यात्रा कई मायनों में ऐतिहासिक रही। राष्ट्रपति मुर्मू कलवरी श्रेणी की पनडुब्बी पर यात्रा करने वाली पहली महिला राष्ट्रपति बनी हैं।

इससे पहले साल 2006 में पूर्व राष्ट्रपति डॉ एपीजे अब्दुल कलाम ने विशाखापत्तनम में रूसी मूल की किलो-क्लास पनडुब्बी INS सिंधुरक्षक पर यात्रा की थी। इस तरह यह किसी भी भारतीय राष्ट्रपति द्वारा की गई दूसरी पनडुब्बी यात्रा है।

INS वाघशीर: स्वदेशी तकनीक की ताकत

INS वाघषीर प्रोजेक्ट-75 के तहत निर्मित कलवरी श्रेणी की अत्याधुनिक डीजल-इलेक्ट्रिक आक्रमण पनडुब्बी है। इसका निर्माण मुंबई स्थित मझगाँव डॉक शिपबिल्डर्स लिमिटेड ने फ्रांस के सहयोग से देश में ही किया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसी साल 15 जनवरी को इसे राष्ट्र को समर्पित किया था।

यह पनडुब्बी समुद्र के भीतर गुप्त अभियान, निगरानी, खुफिया जानकारी एकत्र करने और शत्रु जहाजों व पनडुब्बियों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई में सक्षम है। आधुनिक सेंसर, हथियार प्रणाली और स्टेल्थ तकनीक से लैस INS वाघशीर भारतीय नौसेना की बढ़ती क्षमता और आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को मजबूती प्रदान करती है।