दरअसल ये लेटर फेक हैं, बेबुनियाद हैं और पाकिस्तान की तरफ से भारत के खिलाफ चलाए जा रहे गलत जानकारी फैलाने वाले कैंपेन का हिस्सा हैं। भारत सरकार ने साफ कहा है कि बिना वेरिफाई किया हुआ कंटेंट शेयर न करें। सही जानकारी के लिए सिर्फ भारत सरकार के आधिकारिक सोर्स पर ही भरोसा करें।
? #PAKISTAN Propaganda Alert!
— PIB Fact Check (@PIBFactCheck) December 1, 2025
Several Pakistani propaganda accounts are circulating a letter on social media, claiming it to be a top-secret Ministry of External Affairs document that allegedly leaked online. The fabricated letter claims that the Indian Government has requested… pic.twitter.com/DWxalnwjjM
न तो विदेश मंत्रालय ने और न ही केन्द्र सरकार के किसी और विभाग ने कभी भी पाकिस्तान के अंदरुनी राजनीति में दखल देने की कोशिश की है। इमरान खान को लेकर पाकिस्तान में ही कई तरह के दावे किए जा रहे हैं। ‘लापता’ इमरान खान के मौत की खबर भी फैली हुई है। इमरान खान की बहनें उस जेल के बाहर धरने पर बैठी हुई हैं, जिसमें इमरान खान बंद हैं। ये चाहती हैं कि बस एक झलक इमरान खान की दिखा दी जाए।
इमरान खान की पार्टी के कार्यकर्ता और समर्थक सड़कों पर उतरे हुए हैं। पीटीआई के सांसद संसद में इमरान खान को एक बार बहनों या वकील से भी मिलवा देने की गुजारिश कर रहे हैं, जिसे पाकिस्तान सरकार खारिज कर चुकी है। पाकिस्तान में बवाल मचा हुआ है।
ऐसी स्थिति में पाकिस्तानी फौज के पास भारत को इस मामले में घसीटने के अलावा कोई उपाय नहीं सूझ रहा है। पाकिस्तानी आवाम को सरकार ये दिखाना चाहती है कि इमरान खान और भारत के बीच जरूर कोई कनेक्शन है, इसलिए भारत सरकार उसे भारत में ‘सेफ’ रखने के लिए राजनीतिक कैदी के रूप में माँग रही है।
चलिए पहले जान लेते हैं कि आखिर पाकिस्तान ने क्या प्रोपेगेंडा फैलाया है। पाकिस्तानी सोशल मीडिया हैंडल्स पर एक लेटर वायरल है। इसमें कहा गया है कि भारत ने पाकिस्तान की जेल में बंद पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की कस्टडी माँगी है। हालाँकि भारत ने इस दावे को सिरे से खारिज कर दिया है और इसे पाकिस्तानी प्रोपेगेंडा का हिस्सा बताया है।
पीआईबी ने फैक्ट चेक करते हुए इसे पूरी तरह मनगढ़ंत बताया है। पोस्ट में लिखा गया है कि सोशल मीडिया पर पाकिस्तानी हेंडर्स ने एक लेटर शेयर किया है, जिसमें दावा किया जा रहा है कि ये मिनिस्ट्री ऑफ एक्सटर्नल अफेयर्स का एक टॉप सीक्रेट डॉक्यूमेंट है जो कथित तौर पर ऑनलाइन लीक हो गया है। इस फेक लेटर में दावा किया गया है कि भारत सरकार ने पाकिस्तान से इमरान खान को राजनीतिक कैदी के तौर पर भेजने का आग्रह किया है।
पीआईबी ने साफ कर दिया है कि ये पूरी तरह निराधार है और भारत के खिलाफ दुष्प्रचार के लिए पाकिस्तान ने ये प्रोपेगेंडा फैलाया है। विदेश विभाग ने किसी भी कंटेंट को बगैर सत्यापित किए शेयर नहीं करने का भी आग्रह किया है। साथ ही सही जानकारी के लिए आधिकारिक साइट पर भरोसा करने के लिए कहा गया है।

