पहलगाम आतंकी हमले की बरसी पर कैपिटल हिल के पास पाकिस्तान की पोल खोलेगा भारत, प्रदर्शनी के जरिए करेगा पर्दाफाश

अमेरिका की राजधानी वॉशिंगटन डीसी में भारत एक बार फिर वैश्विक मंच पर आतंकवाद के मुद्दे को प्रमुखता से उठाने जा रहा है। जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए भीषण आतंकी हमले की पहली बरसी के मौके पर भारतीय दूतावास कैपिटल हिल के पास एक विशेष प्रदर्शनी आयोजित करेगा।

‘द ह्यूमन कॉस्ट ऑफ टेररिज्म’ शीर्षक से होने वाली इस प्रदर्शनी का उद्देश्य दुनिया को यह दिखाना है कि आतंकवाद सिर्फ एक सुरक्षा चुनौती नहीं, बल्कि एक गहरी मानवीय त्रासदी है और इसके पीछे पाकिस्तान प्रायोजित नेटवर्क की भूमिका को उजागर करना भी इसका अहम हिस्सा है।

कैपिटल हिल पर भारत की पहल, पाकिस्तान को करेगा बेनकाब

भारतीय दूतावास द्वारा आयोजित यह प्रदर्शनी मंगलवार (21 अप्रैल 2026) से शुरू होगी और इसका उद्घाटन अमेरिका में भारत के राजदूत विनय मोहन क्वात्रा करेंगे। यह आयोजन ऐसे समय में हो रहा है जब अमेरिका-ईरान तनाव के बीच पाकिस्तान खुद को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शांति स्थापित करने वाले देश के रूप में पेश करने की कोशिश कर रहा है।

प्रदर्शनी के लिए कैपिटल हिल के पास सार्वजनिक स्थल चुना गया है, जिससे अमेरिकी नीति-निर्माताओं, सांसदों और अंतरराष्ट्रीय समुदाय का ध्यान सीधे इस मुद्दे पर केंद्रित किया जा सके। भारत इस मंच के जरिए यह संदेश देना चाहता है कि आतंकवाद का असर सीमाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि यह पूरी दुनिया के लिए खतरा है।

पहलगाम आतंकी हमले में 26 निर्दोष लोगों की हुई थी हत्या, ‘ऑपरेशन सिंदूर’ और भारत की कड़ी प्रतिक्रिया

22 अप्रैल 2026 को पहलगाम आतंकी हमले की पहली बरसी है। पिछले साल इस दिन जम्मू-कश्मीर की बैसरन घाटी में आतंकियों ने हिंदू पर्यटकों पर धर्म पूछकर फायरिंग की थी, जिसमें 25 भारतीय और एक नेपाली नागरिक की मौत हो गई थी। प्रदर्शनी में इन पीड़ितों की कहानियों को प्रमुखता से दिखाया जाएगा।

पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत ने कड़ा रुख अपनाते हुए 7 मई 2025 की रात ‘ऑपरेशन सिंदूर’ शुरू किया था। इस सैन्य कार्रवाई के तहत पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत जम्मू-कश्मीर (PoJK) में मौजूद नौ आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया गया।

बता दें कि वॉशिंगटन में होने वाली नई प्रदर्शनी में 1993 के मुंबई बम धमाके, 2008 के मुंबई हमले, पुलवामा और उरी जैसे हमलों को भी शामिल किया जाएगा।