रूस से 5 और S-400 खरीदने को भारत तैयार, 2026 में होगी 2 की डिलीवरी: जानें कैसे इस एयर डिफेंस सिस्टम ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ में पाकिस्तान को चटाई थी धूल

ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तान को धूल चटाने वाला S-400 एयर डिफेंस सिस्टम को भारत अब रूस से खरीदने की तैयारी कर रहा है। भारत के शीर्ष रक्षा मंत्रालय के अधिकारियों की पाँच S-400 एयर डिफेंस सिस्टम खरीदने को लेकर रूस से बातचीत कर रहे हैं। यह भी सामने आया कि खरीदने के अलावा भारत में ही निर्मित करने के विकल्प पर भी चर्चा की जाएगी।

बता दें कि अतिरिक्त पाँच S-400 सिस्टम्स की कीमत पर सहमति बन गई है, जिसमें 2018 की कीमत के आधार पर सालाना बढ़ोतरी शामिल है। अभी डील की सभी शर्तें तय नहीं हुई हैं, लेकिन संभावना है कि इनमें से तीन सिस्टम सीधे खरीदे जाएँगे और दो सिस्टम भारत की निजी कंपनियों के साथ मिलकर ‘ट्रांसफर ऑफ टेक्नोलॉजी’ के तहत बनाए जाएँगे।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह डील 5 दिसंबर 2025 को भारत आ रहे रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीच वार्षिक शिखर सम्मेलन से पहले मंजूरी पा सकती है। 2018 में भारत और रूस के बीच 5.43 अरब डॉलर की लागत से पाँच S-400 सिस्टम्स की डील हुई थी, जिसमें से दो सिस्टम 2026 के अंत तक भारत को मिल जाएँगे।

अब दोनों देशों के बीच पाँच और S-400 सिस्टम्स को लेकर बातचीत पूरी होनी है, जिनसे भारत की 7000 किमी से अधिक लंबी समुद्री सीमा की सुरक्षा और उत्तरी कमांड क्षेत्र में वायु सुरक्षा की कमी को पूरा किया जा सकेगा।

यह एक सरकार से सरकार (G2G) के बीच डील होगी और इन सिस्टम्स की मरम्मत, रखरखाव और ओवरहॉलिंग की सुविधा भी भारत में ही निजी कंपनियों के सहयोग से स्थापित की जाएगी। इसके साथ ही भारत रूस से RVV-BD एयर-टू-एयर मिसाइल (जिसकी रेंज 200 किमी से ज्यादा है) खरीदने की भी योजना बना रहा है, ताकि भारतीय वायुसेना के Su-30 MKI लड़ाकू विमानों की मारक क्षमता बढ़ाई जा सके।

यह मिसाइल खासतौर पर इसलिए जरूरी मानी जा रही है क्योंकि पाकिस्तान के पास भी चीन द्वारा बनाई गई 200 किमी रेंज वाली PL-15 मिसाइल है, जिसका इस्तेमाल उसने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारत के खिलाफ किया था।

S-400 ने ऑपरेशन सिंदूर में दिखाई थी ताकत

ऑपरेशन सिंदूर के दौरान S-400 सिस्टम ने अपनी मारक क्षमता और सर्वाइव करने की क्षमता को बखूबी साबित किया था। पाकिस्तान ने आदमपुर और भुज एयरबेस पर तैनात S-400 को कई बार निशाना बनाया लेकिन वह नाकाम रहा।

07 मई 2025 के पहले हमले के बाद S-400 से इतना डर बैठ गया कि पाकिस्तान ने अपने सभी एयरक्राफ्ट 300 किमी दूर कर दिए और 10 मई 2025 को शायद ही कोई पाकिस्तानी विमान उड़ान भर सका।

S-400 ने पंजाब में 314 किमी दूर उड़ रहे एक पाकिस्तानी ELINT विमान को मार गिराया था, साथ ही उत्तर दिशा में F-16 और JF-17 जैसे लड़ाकू विमानों को भी निशाना बनाया था। यह सिस्टम न केवल एक खतरनाक स्टैंड-ऑफ हथियार साबित हुआ, बल्कि पाकिस्तान के लिए एक बड़ा मनोवैज्ञानिक दबाव और रोकथाम का साधन भी बना।