वीर बाल दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिल्ली स्थित ‘भारत मंडपम’ में आयोजित कार्यक्रम में शामिल हुए। कार्यक्रम में स्कूलों छात्र-छात्राओं ने तमाम प्रस्तुति देकर साहिबजादों के बलिदान को याद किया। वंदे मातरम गीत ने पूरे माहौल को देशभक्ति के भाव में रंग गया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने साहिबजादों के बलिदान को याद किया। साथ ही पीएम मोदी ने मुगलों के शासन में देश की गुलामी में हुए अत्याचार की भी निंदा की। इसके अलावा पीएम मोदी ने युवा पीढ़ी, खासतौर पर Gen Z को विकसित भारत की मजबूत नींव बताया है।
Addressing a programme on Veer Baal Diwas. We remember the exemplary courage and sacrifice of the Sahibzades.
— Narendra Modi (@narendramodi) December 26, 2025
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2035 तक गुलामी की मानसिकता से मुक्त करेंगे: PM मोदी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, “अंग्रेजी राजनेता मैकाले ने जो गुलामी का बीज बोया था, उसके बाद देश की आजादी के बाद भी देश में दशकों तक ऐसी सच्चाइयों को दबाने की कोशिश की गई है। लेकिन अब भारत ने तय किया है गुलामी की मानसिकता से मुक्ति पानी ही होगी। अब हम भारतीय के बलिदान, शौर्य की स्मृतियाँ दबेगी नहीं। अब देश के नायक-नायिकाओं को हाश्रय पर नहीं रखा जाएगा।”
पीएम मोदी ने कहा, “मैकाले ने जो साजिश रची थी, 2035 के लिए, वो 10 साल बाद हो जाएँगे। इन्हीं 10 सालों में हम देश को पूरी तरह गुलामी की मानसिकता से मुक्त करके रहेंगे। 140 करोड़ देशवासियों का ये संकल्प होना चाहिए। जब देश इस गुलामी की मानसिकता से मुक्त होगा, उतना ही स्वदेशी का अभिमान करेगा। उतना ही आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ेगा।”
मुगल के खिलाफ लड़ाई मूल विचारों और मजगबी कट्टरता के बीच थी: PM मोदी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वीर बाल दिवस पर कहा, ” वो वीर साहिबज़ादे, जिन्होंने उम्र और अवस्था की सीमाओं को तोड़ दिया, जो क्रूर मुगल सल्तनत के सामने ऐसे चट्टान की तरह खड़े हुए कि मजहबी कट्टरता और आतंक का वजूद ही हिल गया। वीर बाल दिवस का ये दिन, भावना और श्रद्धा से भरा दिन है। साहिबजाद अजीत सिंह जी, साहिबजादा जुझार सिंह जी, साहिबजादा जोरावर सिंह जी और साहिबजादा फतेह सिंह जी को छोटी-सी उम्र में उस समय की सबसे बड़ी सत्ता से टकराना पड़ा।”
पीएम मोदी ने साफ शब्दों में कहा, “वो लड़ाई भारत के मूल विचारों और मजहबी कट्टरता के बीच थी। वो लड़ाई सत्य बनाम असत्य की थी। उस लड़ाई के एक ओर दशम गुरु श्री गुरु गोविंद सिंह जी थे, तो दूसरी ओर क्रूर औरंगजेब की हुकूमत थी। हमारे साहिबजादे उस समय छोटे थे, लेकिन औरंगजेब को और उसकी क्रूरता को उससे कोई फर्क नहीं पड़ता था।”
औरंगजेब धर्मांतरण कराने के लिए भारतीयों का मनोबल तोड़ना चाहता था: PM मोदी
पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा, “औरंगजेब जानता था कि भारत के लोगों को डराकर उनका धर्मांतरण कराना है, तो इसके लिए उसे हिंदुस्तानियों का मनोबल तोड़ना होगा। इसीलिए उसने साहिबजादों को निशाना बनाया।”
उन्होंने कहा, “औरंगजेब और उसके सिपाही भूल गए थे कि हमारे गुरु कोई साधारण मनुष्य नहीं थे। वीर साहिबजादों को वही विरासत उनसे मिली थे। भेल ही पूरी मुगलिया-बादशाही पीछे लग गई, लेकिन किसी भी साहिबजादों को डिगा नहीं पाई।”

