फिलीपींस के बाद अब मुस्लिम मुल्क को मिलेगी ‘ऑपरेशन सिंदूर’ में तबाही मचाने वाला ब्रह्मोस, इंडोनेशिया ने भारत के साथ फाइनल की डील

इंडोनेशिया ने ब्रह्मोस मिसाइल सिस्टम खरीदने के लिए भारत के साथ एक समझौता किया है। इंडोनेशिया के डिफेंस मिनिस्ट्री के प्रवक्ता रिको रिकार्डो सिरैत ने सोमवार (9 मार्च 2026) को रॉयटर्स को ये जानकारी दी।

भारत और रूस की सरकारों की को-ओनरशिप वाली कंपनी ब्रह्मोस ने 2023 में रॉयटर्स को बताया कि वह जकार्ता के साथ $200 मिलियन यानी 1,660 करोड़ रुपए से $350 मिलियन यानी 32,292 करोड़ रुपए डील पर एडवांस्ड बातचीत कर रही है।

रिको ने कहा कि यह समझौता मिलिट्री हार्डवेयर और डिफेंस कैपेबिलिटीज़ के आधुनिकीकरण का हिस्सा है, खासकर मैरीटाइम सेक्टर में। हालाँकि उन्होंने इसकी कीमत की पुष्टि करने से मना कर दिया।

कंपनी ने 2022 में इंडोनेशिया के साउथ-ईस्ट एशियाई पड़ोसी फिलीपींस के साथ अपनी पहली विदेशी डील पक्की की थी।

फिलीपींस ने इसे खरीदने के लिए 375 मिलियन डॉलर का समझौता किया था। ब्रह्मोस एयरोस्पेस और भारत के रक्षा मंत्रालय ने फिलहाल इस नए समझौते पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है, लेकिन खबर ये है कि ये डील फाइनल हो चुकी है।

ब्रह्मोस दुनिया की सबसे तेज और उन्नत सुपरसोनिक क्रूज मिसाइलों में से एक मानी जाती है। इसे भारत के रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन यानी डीआरडीओ और रूस की एनपीओ माशिनोस्ट्रोयेनि‍या के ज्वाइंट वेंचर ब्रह्मोस एयरोस्पेस ने मिलकर विकसित किया है।

इसका नाम भारत की ब्रह्मपुत्र नदी और रूस की मॉस्कवा नदी के नाम को मिलाकर रखा गया है। इसका इस्तेमाल ‘ऑपरेशन सिंदूर’ में किया गया था। इसने पाकिस्तान के छक्के छुड़ा दिए थे। सभी आतंकी ठिकानों पर सटीक निशाना लगा कर आतंकियों में भय पैदा कर दिए थे।