इससे पहले बीजेपी पार्षद दल की बैठक में कॉन्ग्रेस पार्षद को निस्कासित करने का फैसला लिया गया था। नगर निगम सम्मेलन को लेकर बीजेपी ने अपने पार्षदों को व्हिप जारी किया था। इंदौर के इतिहास में ऐसा पहली बार हुआ है, जब किसी पार्षद की पार्षदी खत्म की गई है।
दरअसल, 14 जून 2025 को सामने आए लव जिहाद के मामले में आरोपित साहिल खान और अल्ताफ खान ने स्वीकार किया था कि कॉन्ग्रेस पार्षद अनवर कादरी ने उन्हें लड़कियों का धर्म परिवर्तन करवाने के लिए ₹3 लाख रुपए दिए थे। दोनों आरोपितों को रेप समेत अन्य धाराओं में केस दर्ज कर गिरफ्तार किया गया था।
‘लव जिहाद’ की फंडिंग में नाम आने के बाद से ही कॉन्ग्रेस पार्षद फरार चल रहा था। इंदौर के बाणगंगा पुलिस ने पिछले दो महीने में उसकी तलाश में उसके रिश्तेदारों और करीबियों के घर दबिश दी। उसका कुछ पता ना लगने पर पुलिस ने ₹10 हजार इनाम घोषित किया था, जिसे बाद में ₹40 हजार कर दिया गया।
इसके बाद दाढ़ी और मूँछ कटा कर कोर्ट में सरेंडर किया। फिलहाल वह जेल में बंद है। कॉन्ग्रेस पार्षद अनवर कादरी पर 19 आपराधिक मामले दर्ज है, जिनमें जानलेवा हमला, डकैती, अवैध हथियार रखना और जमीन कब्जा करना शामिल है।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, 2011 में कॉन्ग्रेस पार्षद अनवर कादरी, उसका भाई और एक अन्य आरोपित जानलेवा हमले के मामले में एक-एक साल की सजा काट चुके है। 2009 में इंदौर के आजादनगर चौराहे के पास अनवर हुसैन नामक व्यक्ति पर हमला किया था, जो एक मामले में गवाह था।
1996 में उज्जैन के महाकाल थाने में अनवर कादरी पर डकैती का केस दर्ज था। इसके बाद से ही अनवर कादरी के नाम में ‘डकैत’ शब्द जुड़ गया था, जिससे उसे ‘अनवर डकैत’ के नाम से जाना जाने लगा।

