सिंधु जल संधि को लेकर भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव एक बार फिर चरम पर पहुँच गया है। पाकिस्तान के उप प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री इशाक डार ने भारत को सीधी चेतावनी देते हुए इसे ‘युद्ध जैसी कार्रवाई’ करार दिया है। डार का आरोप है कि भारत जानबूझकर चिनाब नदी के पानी के बहाव में बदलाव कर रहा है, जिससे न केवल संधि का उल्लंघन हो रहा है बल्कि पूरे दक्षिण एशिया की शांति को भी खतरा पैदा हो गया है।
‘पानी रोका तो खैर नहीं’- इशाक डार की चेतावनी
दुनिया भर के राजदूतों के सामने अपना पक्ष रखते हुए इशाक डार ने शुक्रवार (19 दिसंबर 2025) को बेहद कड़े शब्दों का इस्तेमाल किया। उन्होंने कहा कि अगर भारत ने चिनाब नदी का पानी मोड़ा या उसे रोकने की कोशिश की, तो पाकिस्तान इसे चुपचाप बर्दाश्त नहीं करेगा और इसे सीधे तौर पर ‘युद्ध का ऐलान’ माना जाएगा।
डार ने दावा किया कि भारत एक सुनियोजित साजिश के तहत दशकों पुरानी इस अंतरराष्ट्रीय संधि को कमजोर करने में जुटा है।
चिनाब नदी के बहाव पर पाकिस्तान का रोना
पाकिस्तानी विदेश मंत्री ने आरोप लगाया कि इस साल चिनाब नदी में पानी के बहाव में दो बार असामान्य उतार-चढ़ाव देखे गए हैं। उनका कहना है कि भारत ने बिना किसी पूर्व सूचना या डेटा साझा किए पानी छोड़ा और रोका, जो संधि के नियमों के खिलाफ है। डार के मुताबिक, पाकिस्तान ने इस मुद्दे पर भारत को औपचारिक विरोध पत्र भी लिखा है और अपनी गहरी चिंता जताई है।
संधि पर खतरे के बादल
इशाक डार ने राजदूतों से कहा कि अप्रैल में भारत द्वारा संधि को एकतरफा निलंबित करने के बाद से हालात बिगड़े हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि भारत के ये कदम अंतरराष्ट्रीय कानूनों की विश्वसनीयता पर हमला हैं।
पाकिस्तान का मानना है कि भारत का यह रवैया क्षेत्रीय स्थिरता को बिगाड़ सकता है। हालाँकि, जानकारों का मानना है कि पाकिस्तान अपनी आंतरिक समस्याओं से ध्यान भटकाने के लिए अक्सर ‘पानी के युद्ध’ का राग अलापता रहता है।

