इस्लामी घुसपैठियों ने कैसे बदली हिंदू बहुल इलाकों की डेमोग्राफी, इसकी जाँच करेगी हाई-लेवल कमेटी: PM मोदी के निर्देश पर HM शाह ने किया समिति गठन का ऐलान, जस्टिस नावलेकर को कमान

देश में घुसपैठियों और आबादी के बदलते संतुलन (डेमोग्राफिक चेंज) को रोकने के लिए केंद्र सरकार ने ‘हाई-लेवल कमेटी ऑन डेमोग्राफिक चेंज’ का गठन कर दिया है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर पोस्ट करके यह बड़ी जानकारी दी है।

अमित शाह ने बताया कि यह कमेटी पूरे देश में अवैध प्रवासियों और अन्य कारणों से आबादी में हो रहे असामान्य बदलावों की जाँच करेगी। मंगलवार (26 मई 2026) की सुबह ही पश्चिम बंगाल के हकीमपुर चेक पोस्ट पर बड़ी संख्या में घुसपैठिए वापस बांग्लादेश जाने के लिए पहुँच गए। डिटेक्टेड डिफॉल्ट होल्डिंग सेंटर के निर्देश जारी होने के बाद से अवैध बांग्लादेशियों में डर का माहौल है और वे खुद ही देश छोड़ रहे हैं।

प्रधानमंत्री मोदी के संकल्प को गृह मंत्रालय ने किया पूरा

गृह मंत्री अमित शाह ने बताया कि देश में घुसपैठ के कारण आबादी का संतुलन बिगड़ रहा है। यह किसी भी राष्ट्र के वर्तमान और भविष्य के लिए एक बहुत बड़ी चुनौती है। इसी बड़ी चुनौती से निपटने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पिछले साल 15 अगस्त 2025 को लाल किले से इस हाई-लेवल कमेटी को बनाने की घोषणा की थी। अब गृह मंत्रालय ने इस कमेटी को बनाकर तैयार कर दिया है।

इस हाई-लेवल कमेटी की कमान एक मजबूत टीम के हाथों में सौंपी गई है। सुप्रीम कोर्ट के सेवानिवृत्त जस्टिस प्रकाश प्रभाकर नावलेकर को इस कमेटी का अध्यक्ष बनाया गया है। उनके साथ देश के जनगणना आयुक्त भी इस टीम का हिस्सा होंगे।

कमेटी में अन्य बड़े सदस्यों को भी जोड़ा गया है। इनमें सेवानिवृत्त आईएएस (IAS) अधिकारी दुर्गा शंकर मिश्रा, सेवानिवृत्त आईपीएस (IPS) अधिकारी बालाजी श्रीवास्तव, देश की जानी-मानी एक्सपर्ट डॉ शमिका रवि, गृह मंत्रालय के संयुक्त सचिव (Foreigners-I) इस कमेटी के सदस्य सचिव के रूप में काम करेंगे।

राष्ट्रीय सुरक्षा और सामाजिक ढांचे को बचाने की बड़ी कोशिश

गृह मंत्री अमित शाह के मुताबिक आबादी का यह असामान्य बदलाव कोई छोटी बात नहीं है। यह हमारी संप्रभुता, राष्ट्रीय सुरक्षा और कानून व्यवस्था से जुड़ा एक बेहद गंभीर मामला है। इससे हमारे समाज के ताने-बाने और जनजातीय समाज के अस्तित्व पर भी बड़ा खतरा मंडरा रहा है। यह कमेटी देश के अलग-अलग हिस्सों में जाकर इस बदलाव के पैटर्न का गहरा विश्लेषण करेगी और एक तय समय के अंदर इसका पक्का समाधान सरकार के सामने पेश करेगी।