इजरायल ने ईरान में असली हेलीकॉप्टर को बनाया निशाना या पेंटिंग पर दागी मिसाइल? जानें- IDF के वीडियो को लेकर सोशल मीडिया पर क्या हो रही चर्चा

मिडिल ईस्ट में जारी ईरान-इजरायल युद्ध अब एक नए और अनोखे विवाद में फँस गया है। इजरायल डिफेंस फोर्स (IDF) ने दावा किया है कि उसने ईरान के एक घातक हेलीकॉप्टर को तबाह कर दिया है, लेकिन सोशल मीडिया पर लोग इसे इजरायल की बड़ी चूक बता रहे हैं। इंटरनेट पर यह बहस तेज हो गई है कि क्या इजरायली मिसाइल ने किसी असली टारगेट को उड़ाया या फिर जमीन पर बने एक ‘नकली चित्र’ (Decoy) पर गोला दाग दिया।

विवाद की शुरुआत: IDF का वो वायरल वीडियो

मामला 4 मार्च 2026 का है, जब IDF ने अपने आधिकारिक X (ट्विटर) हैंडल पर एक इन्फ्रारेड वीडियो जारी किया। इस धुंधले ब्लैक-एंड-व्हाइट वीडियो में दिखाया गया कि इजरायली वायुसेना ने ईरान के कुछ सैन्य ठिकानों और इमारतों पर सटीक हमला किया है। इजरायल का दावा था कि इस हमले में ईरान का एक ‘Mil Mi-17’ हेलीकॉप्टर पूरी तरह नष्ट हो गया।

पेंटिंग या असली हेलीकॉप्टर? यूजर्स ने पकड़ी ‘गलती’

वीडियो सामने आने के कुछ ही घंटों बाद दुनिया भर के रक्षा विशेषज्ञों और सोशल मीडिया यूजर्स ने इस पर सवाल उठाने शुरू कर दिए। कई यूजर्स का दावा है कि जिस चीज को इजरायल हेलीकॉप्टर समझकर उड़ा रहा है, वह दरअसल जमीन पर बना एक पेंटेड चित्र (पेंटिंग) है।

आलोचकों के मुख्य तर्क

ढाँचे में बदलाव नहीं: यूजर्स का कहना है कि अगर हमला किसी असली धातु के बने हेलीकॉप्टर पर होता, तो विस्फोट के बाद उसके पंख (Rotors) और बॉडी का ढाँचा बिखरता हुआ दिखता, लेकिन वीडियो में ऐसा कुछ नजर नहीं आ रहा।

परछाई का अभाव: कुछ लोगों ने गौर किया कि वीडियो में हेलीकॉप्टर की कोई परछाई या 3D उभार नहीं दिख रहा, जिससे वह जमीन पर बनी एक 2D पेंटिंग जैसा लग रहा है।

ईरान की ‘धोखा’ देने वाली रणनीति

रक्षा विशेषज्ञों के मुताबिक, युद्ध के दौरान दुश्मन को भ्रमित करने के लिए ‘डिकॉय’ (Decoys) का इस्तेमाल पुराना तरीका है। ऐसा माना जा रहा है कि ईरान ने इजरायली मिसाइलों को बर्बाद करने और अपनी असली ताकत छिपाने के लिए रनवे और सैन्य ठिकानों पर हेलीकॉप्टरों के नकली चित्र बना रखे हैं। अगर यह सच है, तो इसका मतलब है कि इजरायल की महंगी मिसाइलें सिर्फ एक पेंटिंग को मिटाने में खर्च हो गईं।

इजरायल का रुख

फिलहाल इजरायली सेना ने इन दावों पर कोई आधिकारिक सफाई नहीं दी है और वे अपने हमले को सफल बता रहे हैं। हालाँकि, यह विवाद अब कूटनीतिक और तकनीकी चर्चा का विषय बन गया है कि आधुनिक युद्ध में हाई-टेक कैमरों को एक साधारण पेंटिंग से कैसे चकमा दिया जा सकता है।