ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामेनेई के अमेरिकी-इजरायली हमले में मारे जाने के बाद उनके बेटे मोजतबा खामेनेई को नया सुप्रीम लीडर घोषित किया गया। लेकिन मोजतबा खामेनेई अब तक सार्वजनिक रूप से सामने नहीं आए हैं। ईरानी अधिकारियों का कहना है कि अब्बा पर हमले में वह भी गंभीर रूप से घायल हुए थे, उनके एक पैर की तीन बार सर्जरी हो चुकी है और अब उन्हें कृत्रिम (प्रोस्थेटिक) यानी नकली पैर लगाया जाएगा। यहाँ तक की मोजतबा के हाथ में भी सर्जरी हुई है।
अधिकारियों ने बताया कि सबसे ज्यादा असर मोजतबा के चेहरे पर पड़ा है, जो गंभीर रुप से जल गया था और उन्हें बोलने में भी दिक्कत हो रही है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, आगे चलकर उन्हें चेहरे की भी प्लास्टिक सर्जरी करानी पड़ेगी। इन हालातों के चलते मोजतबा खामेनेई सार्वजनिक रूप से सामने नहीं आ रहे हैं और न ही कोई ऑडियो या वीडियो संदेश दे रहे हैं।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, वह अपनी कमजोरी दिखाना नहीं चाहते। उनसे संपर्क का तरीका भी बेहद गुप्त हो गया है। हाथ से लिखे संदेश कारों और मोटरसाइकिलों के जरिए उनके ठिकाने तक पहुँचाए जाते हैं और जवाब भी उसी तरह लौटता है। इस बीच सत्ता का संतुलन बदलता दिख रहा है।
इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के जनरल अब युद्ध, कूटनीति और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े फैसलों में प्रमुख भूमिका निभा रहे हैं। नागरिक नेतृत्व पीछे छूट गया है और कई बड़े फैसले सैन्य नेतृत्व के जरिए लिए जा रहे हैं। बता दें कि खामेनेई उस हवाई हमले में गंभीर रूप से घायल हुए थे जिसमें उनके अब्बू अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत हो गई थी।

