ईरान और US ने एक-दूसरे पर हाल में किए हमले के बाद एक मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग (MoU) पर साइन किए गए। इसके बाद अब दोनों पक्ष एक-दूसरे पर हमला बंद करने और होर्मुज स्ट्रेट पर अपने विवाद को सुलझाने के लिए सहमत हो गए हैं।
एक वरिष्ठ अमेरिकी अधिकारी का हवाला देते हुए अमेरिकी मीडिया ने रिपोर्ट दी है कि अमेरिका और ईरान एक-दूसरे पर हमले रोकने पर सहमत हो गए हैं। होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर अपने विवाद को सुलझाने के लिए मंगलवार (30 जून 2026) को कतर की राजधानी दोहा में बैठक करेंगे
दरअसल होर्मुज स्ट्रेट में कमर्शियल जहाजों पर हमले के बाद ईरान और अमेरिका के बीच तनाव बढ़ गया। US ने ऑयल टैंकरों और दूसरे जहाजों को धमकियाँ देने और अमेरिकी मिलिट्री साइट्स पर बमबारी के लिए ईरान को जिम्मेदार ठहराया।
हालाँकि ईरान ने शुरुआती हमले से इनकार किया, लेकिन कुवैत और बहरीन में अमेरिकी मिलिट्री केन्द्र को निशाना बनाया और इसे US के ईरान पर किए जा रहे हमलों का जवाब कहा।
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने हाल के अमेरिकी हमलों को यूएन चार्टर और एमओयू दोनों का उल्लंघन बताया। लेकिन राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अमेरिकी हमलों का बचाव किया और कहा कि ईरान के सीजफायर तोड़ा है, जिसके बाद अमेरिकी सेना ने ईरानी मिसाइल, ड्रोन और रडार को निशाना बनाया था।
नए सिरे से शुरू हुए इन हमलों को लेकर मिडिल ईस्ट और दुनिया भर में चिंता व्यक्त की गई।
आखिरकार दोनों पक्ष हमले रोकने और इसे सुलझाने के लिए कतर में मिलने जा रहे हैं। एक सीनियर US अधिकारी ने एक्सियोस को बताया, “हमने सभी काइनेटिक एक्टिविटी को रोकने का फ़ैसला किया है।” काइनेटिक एक्टिविटी का मतलब है मिलिट्री हमले समेत हर तरह के हमले।

