ईरान और अमेरिका के बीच तनाव एक बार फिर चरम पर पहुँच गया है। ईरानी संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बागेर गालिबाफ ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को फिर से बंद कर दिया है। चेतावनी के बावजूद अमेरिका ने ईरान के बंदरगाहों की घेराबंदी बंद नहीं की थी, जिसके बाद ये एक्शन लिया गया।
अध्यक्ष गालिबाफ ने कहा कि अब इस समुद्री रास्ते से कौन सा जहाज गुजरेगा, इसका फैसला सिर्फ ईरान ही करेगा। यह विवाद तब शुरू हुआ जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया कि ईरान अपना परमाणु खजाना (यूरेनियम) अमेरिका को सौंपने के लिए तैयार है।
۱- رئیس جمهور آمریکا در یک ساعت هفت ادعا مطرح کرد که هر هفت ادعا کذب است.
— محمدباقر قالیباف | MB Ghalibaf (@mb_ghalibaf) April 17, 2026
۲- با این دروغگوییها در جنگ پیروز نشدند و حتما در مذاکره هم راه به جایی نخواهند برد.
۳- با ادامهٔ محاصره، تنگهٔ هرمز باز نخواهد ماند.
ईरानी संसद अध्यक्ष ने कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति ने 1 घंटे में 7 बड़े दावें किए जो पूरी तरह गलत है। होर्मुज का यह रास्ता पूरी दुनिया के लिए बहुत जरूरी है क्योंकि दुनिया का 20 प्रतिशत तेल यहीं से होकर गुजरता है।
ईरान अब इस रास्ते को एक हथियार की तरह इस्तेमाल कर रहा है। ईरान के इस कड़े रुख से अंतरराष्ट्रीय बाजारों में घबराहट बढ़ गई है और तेल की कीमतों पर संकट मंडराने लगा है। फिलहाल दोनों देशों के बीच अविश्वास और तनाव का माहौल बना हुआ है।

