Maktoob Media ने कहा- शामली में मुस्लिम भाइयों की पिटाई ‘राजनीतिक रंजिश’ का हिस्सा, पुलिस ने नकारा: जानिए क्या है पूरा मामला

इस्लामी प्रोपेगेंडा पोर्टल Maktoob Media ने शनिवार (25 अप्रैल 2026) को एक वीडियो रिपोर्ट प्रकाशित कर दावा किया कि उत्तर प्रदेश के शामली जिले में ‘राजनीतिक रंजिश’ के चलते दो मुस्लिम नाबालिग भाइयों को पीटा गया और नहर में फेंक दिया गया।

Maktoob Media ने अपने X पोस्ट में लिखा कि शामली के दो नाबालिग मुस्लिम भाइयों को कुछ लोगों ने बेरहमी से पीटा, कपड़े उतरवाए और नहर में फेंक दिया, जबकि पुलिस ने इस घटना को महज कर्ज विवाद बताकर नजरअंदाज कर दिया, जबकि वीडियो में पूरी घटना सामने आई है।

हालाँकि बाद में यह दावा झूठा निकला और Maktoob Media पर गलत जानकारी फैलाने का आरोप लगा। शामली पुलिस के आधिकारिक X हैंडल ने इस दावे को खारिज करते हुए मामले की असली जानकारी दी।

पुलिस ने बताई सच्चाई

पुलिस के मुताबिक, वीडियो में दिख रहे दोनों नाबालिग लड़के रिहान और निशान ने पिछले तीन महीनों में लिलौन गाँव के हिंदू फास्ट फूड दुकान संचालकों नितिन और शिवम से करीब 6,400 रुपए का उधार लिया था। यह उधार चाउमीन, बर्गर और अन्य खाने-पीने की चीजों के लिए लिया गया था।

जब काफी समय तक पैसे वापस नहीं किए गए, तो नितिन और शिवम ने दोनों लड़कों को इस बात पर डाँटा। इसके बाद लड़कों के पिता मोमिन ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई, जिसमें बढ़ा-चढ़ाकर आरोप लगाए गए। पुलिस ने बताया कि 10 मार्च 2026 को कोतवाली शामली थाना क्षेत्र में यह मामला सामने आया था।

शिकायत मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुँची और जाँच शुरू की। जाँच के दौरान सामने आया कि पूरा मामला उधार के पैसे को लेकर हुआ था, न कि किसी राजनीतिक रंजिश के कारण। पुलिस के अनुसार, नितिन और शिवम द्वारा बच्चों से उधार के पैसे माँगे जाने और भुगतान न होने पर उन्हें डाँटने की बात सामने आई।

जबकि बाकी लगाए गए आरोप जाँच में सही नहीं पाए गए। इस मामले में पुलिस ने 15 मार्च 2026 को नितिन और शिवम को गिरफ्तार कर लिया था और उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है। पुलिस ने साफ किया कि घटना को राजनीतिक रंग देना गलत है और इस तरह के दावे बेबुनियाद हैं।